
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर हो चुकी है। कानून और पुलिस का डर समाप्त हो गया है। जब पूरे प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा दांव पर लगी हो, तब केवल किसी एसपी या टीआई को हटाना समाधान नहीं है। अगर हटाने से ही अपराध रुकते हों तो सरकार को एक बार में सभी पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदल देना चाहिए। यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एम्स में छह वर्ष की दुष्कर्म पीड़ित बच्ची के स्वजन से भेंट करने के बाद कही।
उन्होंने चिकित्सकों से बच्ची के उपचार, सुरक्षा और आगे की चिकित्सीय आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी लेकर पार्टी की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पटवारी ने कहा कि इस पीड़ा को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ऐसा कृत्य करने वाला इंसान नहीं, राक्षस है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि ऐसे दरिंदे को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि समाज को कड़ा संदेश जाए। आरोपित को गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए। प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा की विशेष नीति, आधुनिक संसाधन और जवाबदेही आधारित पुलिस व्यवस्था लागू की जाए। जघन्य अपराधों पर विस्तृत समीक्षा कर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर कहा कि बेटियों के साथ हो रहे अपराधों ने प्रदेश का सिर शर्म से झुका दिया है। आज कानून नाम की कोई चीज नहीं बची। पुलिस प्रशासन और कानून का डर खत्म होता जा रहा है। अपराध रोकने के लिए आधुनिक संसाधनों, पर्याप्त पुलिस बल, नई प्रशिक्षण व्यवस्था और टेक्नोलाजी आधारित मानिटरिंग सिस्टम की जरूरत है। रायसेन की घटना के चार दिन बाद पुलिस अधीक्षक को हटाने पर कहा कि सरकार की सोच केवल इमेज मैनेजमेंट तक सीमित है।