MP में अब बिना जांच के आगे नहीं बढ़ेंगे प्रशासनिक मामले, JCC बैठक जरूरी
मध्य प्रदेश में भोपाल स्थित सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना और अपने स्तर पर फाइलों का परीक्षण किए बिना भेजे गए प्रकरणों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
Publish Date: Sat, 07 Nov 2026 12:29:29 PM (IST)Updated Date: Sat, 07 Nov 2026 01:01:55 PM (IST)
वल्लभ भवन, भोपाल। फाइल फोटो।HighLights
- बिना सूक्ष्म परीक्षण वाली फाइलें होंगी नस्तीबद्ध
- फाइलों में मिलीं कई प्रशासनिक खामियां
- हर तीन माह में परामर्शदात्री समिति की बैठक
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। सामान्य प्रशासन विभाग में परामर्श के लिए भेजी जाने वाली नस्तियों (फाइलों) को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। जीएडी ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि विभिन्न प्रशासनिक विभागों द्वारा पहले से उपलब्ध स्पष्ट दिशा-निर्देशों और परिपत्रों का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है।
विभाग अपने स्तर पर फाइलों का सूक्ष्म परीक्षण और स्व-विवेक का प्रयोग किए बिना ही सीधे प्रकरण सामान्य प्रशासन विभाग को भेज रहे हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है।
परीक्षण के बिना भेजी फाइलें अटकेंगी
जीएडी के अवर सचिव रवि मालवीय ने पत्र में स्पष्ट किया है कि इन नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना भेजी गई किसी भी नस्ती या पत्र पर जीएडी कोई कार्यवाही नहीं करेगा और न ही इस संबंध में कोई पत्राचार किया जाएगा। ऐसे सभी गलत तरीके से प्रस्तुत किए गए प्रकरणों को सीधे नस्तीबद्ध कर दिया जाएगा।
कई गंभीर त्रुटियां कीं रेखांकित
जीएडी ने फाइलों की प्रक्रिया में कई गंभीर त्रुटियां रेखांकित की हैं। जिसमें विभागाध्यक्ष और जिला कार्यालय सीधे सामान्य प्रशासन विभाग से पत्राचार कर रहे हैं। फाइलों के साथ व्यवस्थित संक्षेपिका संलग्न नहीं की जा रही है।
संक्षेपिका होने पर भी उसमें यह स्पष्ट नहीं होता कि किस बिंदु पर मार्गदर्शन या परामर्श चाहिए। प्रकरणों को प्रमुख सचिव या सचिव के अनिवार्य अनुमोदन के बिना ही आगे बढ़ा दिया जाता है। न्यायालयीन मामलों में विधि विभाग से सलाह लेने के बजाय सीधे जीएडी को फाइलें भेजी जा रही हैं।
नहीं हो रहीं परामर्शदात्री समितियों बैठक
प्रदेश के कई विभागों द्वारा संयुक्त परामर्शदात्री समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने राज्य के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को संयुक्त परामर्शदात्री समितियों की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया है।
यह बैठकें साल में चार बार, यानी हर तीन माह में एक बार आयोजित करना जरूरी हैं। साथ ही सभी सक्षम प्राधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के मामलों का तुरंत निराकरण करने और बैठक की पूरी कार्यवाही का विवरण सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।