
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में अवैध कॉलोनियों का जाल लगातार फैलता जा रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकार के पास अब तक इनकी वास्तविक संख्या का अद्यतन रिकॉर्ड ही मौजूद नहीं है। वहीं, दूसरी ओर नगरीय प्रशासन विभाग अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई के लिए नया कानून तैयार कर रहा है, जिसमें अवैध कॉलोनाइजरों पर जुर्माना और सजा कई गुना बढ़ाने की तैयारी है।
वर्ष 2016 में नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश में 7,981 अवैध कॉलोनियों की पहचान की थी। इनमें से 3,155 कॉलोनियां केवल प्रदेश के 16 नगर निगम क्षेत्रों में चिह्नित की गई थीं। उस समय ग्वालियर नगर निगम में सबसे अधिक 696 अवैध कॉलोनियां दर्ज की गईं। उसके बाद इंदौर नगर निगम था, जहां 636 कॉलोनियां चिह्नित हुईं थीं। इसके अलावा खंडवा में 338, भोपाल में 320 और जबलपुर में 224 अवैध कॉलोनियां सामने आई थीं।
बाद के वर्षों में विभाग ने नगरीय निकायों से बार-बार जानकारी मांगी, लेकिन अधिकांश निकायों ने अद्यतन आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए। कुछ गैर सरकारी अनुमानों के अनुसार, प्रदेश में अब अवैध कॉलोनियों की संख्या 30 हजार से अधिक हो सकती है। अकेले भोपाल जिले में ही वर्तमान में 600 से अधिक अवैध कॉलोनियां बताई जा रही हैं। वर्ष 2016 में भोपाल में इनकी संख्या 320 थी, जिनमें से कुछ कॉलोनियों को बाद में वैध भी किया गया। इसके बावजूद नई अवैध बसाहटें लगातार विकसित होती रहीं।
स्थिति केवल सामान्य अवैध कालोनियों तक सीमित नहीं है। ग्रीन बेल्ट, तालाबों के किनारे, शासकीय भूमि और सरकारी योजनाओं की जमीन पर भी बड़ी संख्या में अनाधिकृत कालोनियां विकसित हुई हैं। वर्ष 2016 में प्रदेश के 16 नगर निगमों में ऐसी 806 अपात्र अनाधिकृत कालोनियां चिह्नित की गई थीं। इनमें इंदौर में सबसे अधिक 328 और ग्वालियर में 267 कालोनियां थीं। खंडवा में 105, उज्जैन में 83, भोपाल में आठ, देवास में चार और रतलाम में दो ऐसी कालोनियां दर्ज की गई थीं।
प्रदेश में अवैध कॉलोनियों को रोकने के लिए नया एक्ट लाने की तैयारी की जा रही है, जिसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इस नए कानून में अवैध कालोनी विकसित करने पर 10 साल की सजा और एक करोड़ तक का जुर्माने का प्रविधान किया जाएगा। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। गांवों में भी अवैध कॉलोनियां न बनें, इसके लिए कड़े नियम बनाए जा रहे हैं।
| क्रम संख्या | नगर निगम का नाम | चिह्नित अवैध कॉलोनियां |
| 1 | ग्वालियर | 696 |
| 2 | इंदौर | 636 |
| 3 | खंडवा | 338 |
| 4 | भोपाल | 320 |
| 5 | जबलपुर | 224 |
| 6 | छिंदवाड़ा | 172 |
| 7 | सतना | 138 |
| 8 | उज्जैन | 117 |
| 9 | रीवा | 109 |
| 10 | देवास | 101 |
| 11 | कटनी | 91 |
| 12 | सागर | 68 |
| 13 | रतलाम | 62 |
| 14 | बुरहानपुर | 35 |
| 15 | मुरैना | 30 |
| 16 | सिंगरौली | 18 |
| क्रम संख्या | नगर पालिका का नाम | चिह्नित अवैध कॉलोनियां |
| 1 | बैतूल | 302 |
| 2 | गुना | 218 |
| 3 | मंदसौर | 214 |
| 4 | राजगढ़ | 201 |
| 5 | सिवनी | 192 |
| 6 | नरसिंहपुर | 187 |
| 7 | रायसेन | 169 |
| 8 | नर्मदापुरम | 167 |
| 9 | सीहोर | 155 |
| 10 | अशोकनगर | 155 |
प्रदेश की अवैध कॉलोनियों को लेकर अभी हाल की जानकारी तो हमारे पास उपलब्ध नहीं है। जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नगरीय निकायों को लिखा गया है। अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करने के लिए नए कानून का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।- शिखा नरवाल, संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन विभाग