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एमपी के 14 जिलों के 2,285 गांवों की बदलेगी तस्वीर, ग्वालियर और जबलपुर बनेंगे 'मेट्रोपॉलिटन रीजन', तैयार होगा आधुनिक अर्बन क्लस्टर

MP Metro Development Scheme: भोपाल, इंदौर और उज्जैन की तर्ज पर अब सरकार ग्वालियर और जबलपुर को भी 'मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग अथॉरिटी' (Metropolitan Plannin...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 17 Aug 2026 03:50:49 PM (IST)Updated Date: Mon, 17 Aug 2026 03:50:49 PM (IST)
एमपी के 14 जिलों के 2,285 गांवों की बदलेगी तस्वीर, ग्वालियर और जबलपुर बनेंगे 'मेट्रोपॉलिटन रीजन', तैयार होगा आधुनिक अर्बन क्लस्टर
मध्य प्रदेश में शहरी विकास का नया अध्याय।

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में शहरी विकास का नया अध्याय
  2. ग्वालियर-जबलपुर को मिलेगी नई पहचान
  3. मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी के गठन की तैयारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार राज्य के शहरी ढांचे को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन की तर्ज़ पर अब सरकार ग्वालियर और जबलपुर को भी 'मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग अथॉरिटी' (Metropolitan Planning Authority) के अंतर्गत लाने की योजना पर काम कर रही है। इस दूरगामी निर्णय से दोनों प्रमुख शहरों और उनके आसपास के अंचलों का विकास एकीकृत व योजनाबद्ध तरीके से किया जा सकेगा, जिससे निवेश के नए रास्ते खुलेंगे और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

एकीकृत विकास और आधुनिक नागरिक सुविधाएं

प्रस्तावित योजना के तहत ग्वालियर और जबलपुर से सटे कस्बों और गांवों को मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल कर बड़े 'अर्बन क्लस्टर' (Urban Clusters) के रूप में विकसित किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मॉडल अनियंत्रित शहरी फैलाव को रोकने और भविष्य की जरूरतों के अनुकूल बुनियादी ढाँचा तैयार करने में बेहद कारगर सिद्ध होगा।


इसके अंतर्गत दोनों शहरों में निम्नलिखित प्रमुख विकास कार्य किए जाएंगे:

  • आधुनिक टाउनशिप का निर्माण और ग्रीन बेल्ट (हरित क्षेत्र) का विकास
  • रिंग रोड, एक्सप्रेसवे और उन्नत सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क
  • आधुनिक जल निकासी (ड्रेनेज) और सीवरेज सिस्टम की व्यवस्था
  • पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक आधारभूत संरचना

ग्वालियर और जबलपुर मेट्रोपॉलिटन का दायरा

  • ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन: शुरुआती प्रस्तावों के अनुसार ग्वालियर के आसपास के जिलों को मिलाकर लगभग 777 गांवों को जोड़ने का खाका तैयार किया गया था, जिसे अब नए शहरी अधिनियम के तहत नए सिरे से पुनर्गठित किया जा रहा है। ग्वालियर संभाग में मुख्य रूप से ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और दतिया जिले आते हैं।
  • जबलपुर मेट्रोपॉलिटन: जबलपुर जिले में कुल 1,508 गांव मौजूद हैं, लेकिन मेट्रोपॉलिटन रीजन में मुख्य नगर के साथ केवल निकटतम व चुनिंदा ग्रामीण क्षेत्रों को ही जोड़ा जाएगा। जबलपुर संभाग के अंतर्गत कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी और पांढुर्ना जिले आते हैं। इसकी अंतिम सीमा तय करने के लिए विस्तृत अधिसूचना जल्द जारी होगी।

अथॉरिटी के लिए 500 पद स्वीकृत, सीएम डॉ. मोहन यादव होंगे प्रमुख

प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने 'मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी' के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अथॉरिटी के संचालन हेतु करीब 500 नए पद मंजूर किए गए हैं, जिन पर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।

यह भी पढ़ें- सीएम मोहन यादव नई दिल्ली में NICDIT की तीसरी 'एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी' बैठक में होंगे शामिल, MP के विकास का तैयार होगा रोडमैप

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस संस्था के शीर्ष प्रमुख होंगे। उनके नेतृत्व में शासन के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे विकास परियोजनाओं को त्वरित प्रशासनिक स्वीकृति मिलेगी और कार्य समय सीमा के भीतर पूरे हो सकेंगे।