भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। साल का आखिरी गुरु-पुष्य योग गुरुवार 25 नवंबर को पड़ रहा है। गुरु-पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग के रूप में तीन महायोगों का संयोग बन रहा है, जो कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा। यह योग खरीदारी, निवेश, लेन-देन और नए कामों की शुरूआत के लिहाज से शुभ फलदायी है। ज्योतिषियों के अनुसार यह इस वर्ष आखिरी गुरु-पुष्य योग है। इसके बाद आठ महीने तक ऐसा संयोग नहीं बनेगा। अब अगले साल 28 जुलाई 2022 को ऐसा ही गुरु-पुष्य संयोग बनेगा।

शादियों के मुहूर्त में खरीदारी का महायोग

देव उठनी एकादशी से शादियों के मुहूर्त शुरू हो गए हैं। ऐसे में खरीदारी के लिए ये महायोग रहेगा। इस दिन कपड़े, ज्वेलरी और वाहन, जमीन-जायदाद की खरीदारी और नए घर के निर्माण तथा गृह प्रवेश भी इन मुहूर्त में शुभ फलदायी होता है। पंडित रामजीवन दुबे ने बताया कि गुरु-पुष्य, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में खरीदी गई वस्तु, किया गया सौदा ज्यादा फायदेमंद होता है। साथ ही इसके स्थायित्व की संभावना भी ज्यादा रहती है।

पांच शुभ योगों वाला दिन

पंडित जगदीश शर्मा ने बताया कि 25 नवंबर, गुरुवार को पुष्य नक्षत्र सुबह तकरीबन 6:50 से शाम करीब 6:50 तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग भी पुष्य नक्षत्र के साथ शुरू और खत्म होंगे। इस दिन अन्य ग्रहों और नक्षत्र की दशा से शुक्ल, शुभ और ब्रह्म नाम के योग भी बनेंगे। ये तीन शुभ योग सूर्योदय के साथ शुरू होकर शाम तकरीबन 6:58 तक रहेंगे। इस तरह पांच शुभ योगों से मिलकर खरीदारी का महा संयोग बन रहा है। इस महायोग में हर तरह की खरीदारी और नए कामों की शुरूआत के लिए पूरा दिन शुभ रहेगा। वाहन, कपड़े और ज्वेलरी की खरीदारी के साथ भूमि-भवन का पंजीयन कराना, नए घर का निर्माण और गृह प्रवेश करना भी शुभ रहेगा।

Posted By: Ravindra Soni

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