
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून बनेगा। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि सदियों से प्रतीक्षित उस सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने धरातल पर उतारा है। सालों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म हुआ है, क्योंकि यह अधिनियम उन्हें वह राजनीतिक सामर्थ्य दे रहा है, जहां वे स्वयं अपने और देश के भविष्य का फैसला करेंगी। यह बात भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय भोपाल में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर आयोजित पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही।
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता, पूर्व मंत्री व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि आजादी के बाद से महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिए जाने की मांग समय-समय पर की जाती रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने कभी आरक्षण दिलाने का प्रयास नहीं किया।
चिटनीस ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में महिलाओं को संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब विपक्षी दलों के विरोध के कारण बिल पास नहीं हो सका। अटल जी के समय महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले सभी दल आज भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर उन्हें नीति-निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठाने का ऐतिहासिक काम करेगा।
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महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की दृढ़ निश्चय और प्रतिबद्धता ही है कि इस कानून को लागू कराने के लिए 16, 17 एवं 18 अप्रैल को देश की संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण के नाम पर देश की आंखों में धूल झोंकी है। उनके लिए यह विधेयक केवल चुनावों के घोषणापत्र का पन्ना मात्र था, जिसे उन्होंने कभी नीयत के साथ लागू नहीं किया।