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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीजी फ्लाईओवर के डिजाइन में खामी, एक हिस्सा तोड़कर फिर बनाया जाएगा

ब्रिज की गलत डिजाइन की वजह से ट्रैफिक पुलिस यातायात क्लियरेंस नहीं दे रही है। अब एक्सपर्ट ब्रिज के शुरुआती हिस्से को तोड़ने की बात कह रहे हैं, ताकि कु...और पढ़ें

By PANKAJ SHRIVASTAVAEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Sat, 30 Nov 2024 11:00:31 AM (IST)Updated Date: Sat, 30 Nov 2024 11:00:31 AM (IST)
जीजी फ्लाईओवर के डिजाइन में खामी, एक हिस्सा तोड़कर फिर बनाया जाएगा
भोपाल हाट के पास एमपी नगर थाना चौराहे (काले घेरे में) पर जीजी फ्लाईओवर का शुरुआती हिस्सा उतर रहा। इसी हिस्से को तोड़ा जाएगा।

HighLights

  1. मैनिट के एक्सपर्ट और ट्रैफिक के अधिकारियों ने किया मुआयना।
  2. डिवाइडर की वजह से 100 मीटर की दूरी से लेना पड़ रहा यू-टर्न।
  3. ब्रिज के शुरुआत में बनी आरइवाल और डिवाइडर को तोड़ा जाएगा।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर की जनता जिस जीजी फ्लाईओवर के शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रही है। उस ब्रिज की गलत डिजाइन अब ट्रैफिक पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गई है। दरअसल ब्रिज का भोपाल हाट की तरफ का बना हुआ हिस्सा सुरक्षित यातायात के मानकों पर खरा नहीं उतरा है। इसलिए ब्रिज के शुरुआती हिस्से को तोड़कर दोबारा नए सिरे से बनाया जाएगा। ताकि भोपाल हाट की तरफ से चौराहे की तरफ जाने वाले ट्रैफिक और ब्रिज से नीचे की तरफ आने वाले वाहन चालक सुरक्षित आवाजाही कर सकें।

चूंकि ब्रिज के बनने के बाद उक्त चौराहे पर पांच रास्ते निकल रहे हैं। ऐसे में पांच रास्तों के लिए अलग-अलग ट्रैफिक सिग्नल लगा पाना ट्रैफिक पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। इसको ध्यान में रखकर फिलहाल चौराहे पर बड़ी रोटरी बनाई जाएगी। साथ ही भोपाल हाट की तरफ से आने वाले ट्रैफिक और ब्रिज से नीचे उतरने वाले ट्रैफिक के लिए अलग-अलग सिग्नल लगने की प्लानिंग चल रही है।


हालांकि यह प्लानिंग कितनी कारगर साबित होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल ब्रिज की गलत डिजाइन की वजह से ट्रैफिक पुलिस यातायात क्लियरेंस नहीं दे रही है। ज्ञात हो कि शुरुआत में ही ब्रिज का डिजाइन विवादों में रहा, लेकिन विभाग के इंजीनियर इससे नकारते रहे और आज स्थिति बिगड़ चुकी है। अब एक्सपर्ट ब्रिज के शुरुआती हिस्से को तोड़ने की बात कह रहे हैं। ताकि कुछ हद तक ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सकता है। इस पर विचार मंथन चल रहा है।

naidunia_image

डिवाइडर बना अड़ंगा

गणेश मंदिर की तरफ की साइट अब क्लियर हो चुकी है। यहां भी ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षित यातायात मानकों के तहत बीच में डिवाइडर बनाने के लिए कहा था। पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर बनाकर गणेश मंदिर की तरफ से जो वाहन चालक अरेरा कालोनी की तरफ मुड़ जाते थे। वह अब 100 मीटर दूरी से यानी वीर सावरकर सेतू का पूरा चक्कर लगाने के बाद हबीबगंज अंडरब्रिज से होकर अरेरा कलोनी, 1100 क्वार्टर पहुंच पाते हैं। पूर्व में गणेश मंदिर की तरफ से ही वाहन चालक अरेरा कालोनी वाले क्षेत्र से होकर अपने ज्ञातव्य तक आसानी से पहुंच जाते थे।

80 मीटर बचा आरईवाल का काम

गायत्री मंदिर की तरफ ब्रिज के किनारों पर बनाई जा रही आरईवाल का काम 80 मीटर का बचा हुआ है। इस काम के पूरा होने के बाद ब्रिज पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। फिलहाल ब्रिज का यही हिस्सा है, जहां निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है। ज्ञात हो कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पहले कोलार पाइप लाइन का हवाला देकर इस काम में देरी की बात कह रहे थे, लेकिन पाइप लाइन को हटे हुए काफी समय हो चुका है, लेकिन अभी तक यहां आरईवाल का काम पूरा नहीं हुआ।

नियंत्रित रफ्तार से चलेंगे वाहन

गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी और मैनिट के एक्सपर्ट सिद्धार्थ रोकड़े ने ब्रिज पर यातायात मानकों का जायजा लिया था। इस दौरान ब्रिज पर जगह-जगह लगाए गए ट्रैफिक पुलिस के संकेत उन्होंने देखे। सिद्धार्थ रोकड़े ने बताया कि ब्रिज पर टू व्हीलर की स्पीड अधिकतम 60 और जंक्शन पर न्यूनतम गति 30 की रहेगी।

ब्रिज का निरीक्षण किया है, भोपाल हाट की तरफ से ब्रिज से नीचे उतरने वाले ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए वहां बड़ी रोटरी की अनुशंसा की है। सुरक्षित यातायात के लिए ब्रिज का शुरुआती हिस्से को तोड़ने की भी अनुशंसा की है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है।

- सिद्धार्थ रोकड़े, प्रोफेसर, मैनिट

ट्रैफिक पुलिस ने मैनिट के एक्सपर्ट के साथ ब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने कुछ बातें बताई हैं उस आधार पर काम होगा। यह फिलहाल नहीं बता सकते कि ब्रिज का शुभारंभ कब होगा।

- जावेद शकील, सहायक यंत्री, पीडब्ल्यूडी, भोपाल