
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के छोटे तालाब में एक बार फिर बड़ा पर्यावरण संकट खड़ा हो गया है। करीब 20 दिन पहले बड़े पैमाने पर हुई मछलियों की मौत के बाद, अब नीलम पार्क के पास पानी की सतह पर हजारों मरी हुई मछलियां तैरती मिली हैं। तालाब में मछलियों के लगातार मरने के इस सिलसिले से हड़कंप मच गया है।
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक तालाब से दो लाख से अधिक मरी हुई मछलियां बाहर निकलवाई जा चुकी हैं। पानी के ऊपर और किनारों पर लग रहे इन ढेरों के कारण अब पूरे इलाके में भारी दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है।
जांच में जुटा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और निगम अमला शुरुआती तौर पर पानी में घुलित आक्सीजन का स्तर कम होने को इस तबाही की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि सीवेज मिलने या पानी में कोई जहरीला रसायन घुलने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक तालाब के अलग-अलग हिस्सों से पानी के नमूने लेकर लैब भेजे गए हैं। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीम भी मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी। फिलहाल स्वास्थ्य अमला मौके पर मुस्तैद है और मरी हुई मछलियों को पानी से बाहर निकालने का काम जारी है।