• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

20 दिन बाद फिर तड़पकर मरीं हजारों मछलियां, नीलम पार्क किनारे लगा ढेर, भोपाल के छोटे तालाब का पानी हुआ जहरीला?

पानी के ऊपर और किनारों पर लग रहे इन ढेरों के कारण अब पूरे इलाके में भारी दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है।

By PANKAJ SHRIVASTAVAEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 17 Jul 2026 10:31:47 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jul 2026 10:31:47 PM (IST)
20 दिन बाद फिर तड़पकर मरीं हजारों मछलियां, नीलम पार्क किनारे लगा ढेर, भोपाल के छोटे तालाब का पानी हुआ जहरीला?
नीलम पार्क किनारे तालाब के पानी में मरी पड़ी मछली।

HighLights

  1. घुलित ऑक्सीजन की कमी या सीवेज का जहर?
  2. पानी पर तैरती मिलीं हजारों मरी हुई मछलियां
  3. अब तक 2 लाख से ज्यादा बाहर निकाली गईं

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के छोटे तालाब में एक बार फिर बड़ा पर्यावरण संकट खड़ा हो गया है। करीब 20 दिन पहले बड़े पैमाने पर हुई मछलियों की मौत के बाद, अब नीलम पार्क के पास पानी की सतह पर हजारों मरी हुई मछलियां तैरती मिली हैं। तालाब में मछलियों के लगातार मरने के इस सिलसिले से हड़कंप मच गया है।

हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक तालाब से दो लाख से अधिक मरी हुई मछलियां बाहर निकलवाई जा चुकी हैं। पानी के ऊपर और किनारों पर लग रहे इन ढेरों के कारण अब पूरे इलाके में भारी दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा मंडराने लगा है।


जांच में जुटा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और निगम अमला

जांच में जुटा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और निगम अमला शुरुआती तौर पर पानी में घुलित आक्सीजन का स्तर कम होने को इस तबाही की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि सीवेज मिलने या पानी में कोई जहरीला रसायन घुलने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़ें- एमपी में मजदूर के बेटे ने रचा इतिहास, Re NEET में 680 अंकों के साथ आदर्श लोधी बने भोपाल टॉपर, AIR 304 हासिल कर चौंकाया

पानी के नमूने लेकर लैब भेजे गए

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक तालाब के अलग-अलग हिस्सों से पानी के नमूने लेकर लैब भेजे गए हैं। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीम भी मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और दोषियों पर कार्रवाई होगी। फिलहाल स्वास्थ्य अमला मौके पर मुस्तैद है और मरी हुई मछलियों को पानी से बाहर निकालने का काम जारी है।