डोडा चूरा की तस्करी करने वाले पिता-पुत्र सहित तीन को 14-14 वर्ष की सजा
आरोपितों को पुलिस ने अक्टूबर 2027 में मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया था। उन्होंने ईंटखेड़ी इलाके में एक गोडाउन में मूंगफली के छिलकों की बोरियों के बीच डोडा चूरा बोरियों में छिपा रखा था। पुलिस ने दबिश देकर तीनों को पकड़ा और माल को जब्त कर सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था।
Publish Date: Fri, 26 Jul 2024 10:15:33 AM (IST)
Updated Date: Fri, 26 Jul 2024 10:15:33 AM (IST)
विशेष न्यायालय ने सुनाई सजा (प्रतीकात्मक चित्र)HighLights
- छह साल पुराने मामले में विशेष अदालत ने सुनाया फैसला।
- आरोपित पिता-पुत्र व उसके ड्राइवर को माल के साथ पकड़ा था।
- आरोपितों ने बोरियों में छुपा रखा था मादक पदार्थ डोडा चूरा।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के विशेष न्यायाधीश( एनडीपीएस) प्रशांत शुक्ला के न्यायालय ने छह वर्ष पुराने डोडा चूरा की तस्करी के मामले में आरोपित पिता-पुत्र बाबू खां ,रईस खां और उनके ड्राइवर शांतिलाल को 14-14 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है। उन पर और एक-एक लाख रूपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक विक्रम सिंह एवं नीरेन्द्र शर्मा ने की।
यह था मामला
लोक अभियोजक विक्रम सिंह ने बताया कि 18 अक्टूबर 2017 को ईंटखेडी थाना प्रभारी चैनसिंह रघुवंशी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाबू खां, रईस खां, शांतिलाल परेवाखेड़ा के जैन गोडाउन में मादक पदार्थ डोडाचूरा रखे हुऐ हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मौके पर दबिश दी और गोडाउन पर कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर चार स्थानों पर भरकर रखीं प्लास्टिक की बोरियों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। इस दौरान तीन स्थानों रखी बोरियों में डोडा चूरा का पाउडर पाया गया। एक ढेर में मूंगफली के छिलके मिले।
घटना स्थल पर मिले बाबू खां उसके बेटे रईस और वाहन चालक शांतिलाल को गिरफ्तार कर माल को सील किया गया था। सभी ढेरों से मादक पदार्थ के पांच-पांच किलो के सैंपल निकाले गए। इन सैंपलों को जांच हेतु आरएफएसएल, भोपाल भेजा गया। वहां बरामद माल के डोडा चूरा होने की पुष्टि हुई। कुल 593 बोरियों में 175 क्विंटल डोडा चूरा पाया गया। 187 बोरियों में मूंगफली के छिलके मिले थे। जांच कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान प्रस्तुत किया था। अभियोजन के साक्ष्यों, तर्कों एवं दस्तावेजों पर सहमत होकर कोर्ट ने आरोपितों को दंडित किया है।