
भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। हालांकि इन मौसम प्रणालियों का अब मध्य प्रदेश के मौसम पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इस वजह से वातावरण में नमी कम होने से अब पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगा है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, आर्द्रता कम होने के कारण अब पूरे प्रदेश में दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगेगी। हालांकि आसमान साफ रहने के कारण फिलहाल रात में हल्की ठंडक बरकरार रहने का अनुमान है। उधर, गुरुवार को प्रदेश में सबसे अधिक 37.1 डिग्री सेल्सियस तापमान नर्मदापुरम में दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, अरब सागर एवं बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण पिछले पांच दिनों से पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ था। इसके चलते जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में पांच दिनों के दौरान रुक-रुककर वर्षा हुई थी। साथ ही कहीं-कहीं ओले भी गिरे थे।
वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के आसपास द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। पश्चिमी विदर्भ पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। मध्य महाराष्ट्र से लेकर अरब सागर तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी तरह झारखंड से लेकर मणिपुर तक भी एक द्रोणिका बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी इन मौसम प्रणालियों का मध्य प्रदेश के मौसम पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इस वजह से मौसम शुष्क होने से अब पूरे प्रदेश में तापमान बढ़ने लगा है। अगले दो दिनों में प्रदेश में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि रात के तापमान में अभी विशेष बढ़ोतरी होने की संभावना कम है। इस वजह से हल्की ठंडक बरकरार रह सकती है।