'2 घंटे में दो ज्योतिर्लिंग दर्शन': MP में पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा बनी श्रद्धालुओं की पहली पसंद, रोजाना 10 से अधिक यात्री
एक ही दिन में दो ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने की सुविधा वाली महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच की आध्यात्मिक सर्किट सेवा श्रद्धालुओं की पहली प...और पढ़ें
By shusheel pandeyEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Wed, 23 Sep 2026 04:40:56 PM (IST)Updated Date: Wed, 23 Sep 2026 04:40:56 PM (IST)
नवंबर 2025 से अगस्त 2016 तक 2181 यात्री उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच की इस उड़ान का फायदा उठा चुके हैं।HighLights
- उज्जैन-ओंकारेश्वर पीएमश्री हेली सेवा ने पकड़ी रफ्तार
- नवंबर 2025 से अगस्त तक 2181 यात्रियों ने किया सफर
- दो ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने वाली सुविधा आ रही पसंद
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा को तेज और रोमांचकारी बनाने के लिए शुरू हुई पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के ओंकारेश्वर-महाकाल आध्यात्मिक सर्किट ने फायदे की उड़ान में बदल दिया है।
नवंबर 2025 से अगस्त 2016 तक 2181 यात्री उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच की इस उड़ान का फायदा उठा चुके हैं। यानी 10 से अधिक यात्री प्रतिदिन। इसके लिए इस सेवा को दिन में दो से अधिक फेरे लगाने पड़े हैं।
श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनी सर्किट सेवा
इस सेवा की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई थी। इसके तहत हवाई मार्ग को तीन सेक्टरों में बांटते हुए छह- छह सीटर तीन हेलीकाप्टर संचालित किए जा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि अगस्त माह तक कुल 4787 यात्रियों ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का हवाई भ्रमण किया है।
इसमें एक ही दिन में दो ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराने की सुविधा वाली महाकाल और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच की आध्यात्मिक सर्किट सेवा श्रद्धालुओं की पहली पसंद बनती जा रही है।
जबलपुर- बांधवगढ़-कान्हा-मैहर-चित्रकूट दूसरे नंबर पर है। इस रूट पर दस महीने में 1998 यात्रियों ने सफर किया है। यानी नौ यात्री रोज मिल रहे हैं। वहीं अप्रैल 2026 में शुरू हुए भोपाल-चंदेरी- ओरछा सेक्टर भी तेजी से रफ्तार पकड़ रहा है। इसमें अगस्त तक 608 यात्री सफर कर चुके। तीनों मार्गों पर यह सेवा सप्ताह में पांच दिन संचालित है।
तीन दिन में बंद हुआ एक रूट
नवंबर 2025 में इस हेलीकाप्टर सेवा की शुरुआत में जो तीन रूट तय हुए थे उसमें भोपाल, चंदेरी, ओरछा का हेरिटेज सेक्टर नहीं था। वहां ईको टूरिज्म सेक्टर के तहत भोपाल–मढ़ई–पचमढ़ी रूट तय हुआ था। लेकिन पर्यटन विभाग ने वन विभाग से पर्याप्त संवाद ही नहीं किया था।
इको-सेंसिटिव जोन में हेलीपैड पर वन विभाग की आपत्तियों के बाद इस सेवा को तीसरे दिन की बंद कर देना पड़ा। बाद में मढ़ई के पास सोहागपुर रोड और पचमढ़ी के पास सिमारा में नए हेलीपैड बनाने की बात हुई, लेकिन इसपर काम नहीं हो पाया।
मिलता है एक संपूर्ण यात्रा पैकेज
पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा की सुविधा लेने पर यात्री का एक संपूर्ण यात्रा पैकेज मिलता है। गंतव्य स्थल पर ठहरने की व्यवस्था लेकर भोजन, स्थानीय टैक्सी, मंदिर दर्शन की पूर्व निर्धारित व्यवस्था, पर्यटन अनुभव को और खास बनाने के लिए गाइड के साथ हैलीपेड तक पिकअप और ड्राप की सुविधा दी जा रही है।
इनका कहना है
निजी जन भागीदारी के तहत तीन सेक्टरों में हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से पर्यटक दो घंटे में दो ज्योर्तिलिंग और रामराजा मंदिर के दर्शन कर पा रहे हैं, वहीं जंगल सफारी का आनंद भी ले रहे हैं। - डॉ. इलैया राजा टी, प्रबंध संचालक, मप्र पर्यटन बोर्ड