
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे ने बीना-भोपाल-इटारसी रेलखंड पर प्रस्तावित 30 नए पुलों के निर्माण में नर्मदापुरम पुल सबसे अहम कड़ी के रूप में उभरकर सामने आ रहा है। इस परियोजना के तहत चार छोटे और 26 बड़े पुल बनाए जाएंगे, जिनके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। करीब 296 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ-साथ यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
परियोजना में नर्मदापुरम पुल को विशेष रूप से डिजाइन किया जा रहा है, जहां हर पुल पर निरीक्षण के लिए पाथवे और रेलिंग की व्यवस्था होगी, ताकि मेंटेनेंस कार्य आसान और सुरक्षित हो सके। हालांकि, रेलवे जलमार्ग पुलों पर कवर शेड की व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे प्राकृतिक जल प्रवाह में किसी प्रकार की बाधा न आए। यह तकनीकी पहलू पुलों की मजबूती और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रेलखंड पर ट्रेनों और मालगाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे मौजूदा ढांचा प्रभावित हो रहा है। ऐसे में नए पुलों का निर्माण ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएगा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करेगा। खासतौर पर नर्मदापुरम और बेतवा क्षेत्र की ओर प्रस्तावित फोर्थ लाइन के लिए ये पुल आधार तैयार करेंगे।
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परियोजना के पूर्ण होने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ेगी, लेट-लतीफी में कमी आएगी और यात्रियों का समय बचेगा। साथ ही, बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी रेल संचालन सुचारु बना रहेगा, जिससे सुरक्षा का स्तर और मजबूत होगा।
रेलवे इस कार्य को दिसंबर 2026 से शुरू कर दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। यह परियोजना भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के लिए न केवल यात्रा को बेहतर बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगी। नर्मदापुरम सहित बीना-भोपाल-इटारसी रेलखंड पर बनने वाले 30 नए पुलों से यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। यह परियोजना न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाएगी, बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास को भी नई दिशा देगी।- नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल