
भोपाल, सीहोर, होशंगाबाद। मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। गुरुवार को फिर सीहोर और होशंगाबाद जिले में दो किसानों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
सीहोर। कर्ज से परेशान इछावर विधानसभा के ग्राम इमलीखेड़ा में एक किसान ने अपने ही खेत पर नीम के पेड़ पर फंसी लगा कर आत्म हत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि किसान पर करीब एक लाख रुपए का कर्ज था। जून माह में कर्ज और अन्य कारणों से फांसी लगाने की यह नौवी घटना है।
जानकारी के अनुसार गुस्र्वार को इमलीखेड़ा में 55 वर्षीय किसान महेरिया पिता गोपाल सिंह बारेला ने अपने गमछे का फंदा बना कर नीम के पेड़ से फांसी लगा ली। बताया जाता है कि मृतक के नाम पर तीन एकड़ पथरीली जमीन है। जिसमें लगातार तीन साल से फसल खराब होने के कारण उसे घाटा हो रहा था। इससे किसान पर 18 हजार का सोसाइटी और साहूकारों से करीब एक लाख स्र्पए का कर्ज हो गया था। जिस कारण वह तनाव में था।
तीन लाख के कर्ज में दबे किसान ने खेत में लगाई फांसी
पिपरिया (होशंगाबाद)। तीन लाख स्र्पए के कर्ज में दबे ग्राम सांडिया के किसान गुलाब सिंह किरार उम्र 53 ने गुस्र्वार सुबह अपने ही खेत में फांसी लगा ली। सुबह 7 से 8 के बीच जब ग्रामीण खेत पर पहुंचे तो गुलाब सिंह का शव पेड़ से लटका देखा । मृतक के बेटे संतोष पटैल के मुताबिक पिता मूंग की फसल की खराब होने से परेशान थे। कर्जा लेकर फसल बोई थी लेकिन फसल खराब होने के बाद वे टूट गए थे।
पुलिस ने मृतक के पास एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। घटना के बाद परिजन शव को लेकर थाने पहुंचे गए और उसके बाद चौराहे पर ले आए यहां करीब दस मिनट तक प्रदर्शन किया। हंगामे की जानकारी लगने के बाद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को मदद का आश्वासन दिया है जिसके बाद वे शांत हुए।
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