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मध्य प्रदेश में UCC की तैयारी... विधेयक लाने से पहले जनसंवाद के जरिए वातावरण बनाएगी सरकार

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जल्द लागू करने की तैयारी है। विधानसभा के मानसून सत्र में इससे जुड़ा विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है। इसका ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Sun, 03 May 2026 09:02:04 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 May 2026 09:02:04 PM (IST)
मध्य प्रदेश में UCC की तैयारी... विधेयक लाने से पहले जनसंवाद के जरिए वातावरण बनाएगी सरकार
मध्य प्रदेश में UCC की तैयारी

HighLights

  1. एमपी विधानसभा के मानसून सत्र में पेश हो सकता है बड़ा विधेयक
  2. 22% आदिवासी आबादी को कानून के दायरे से बाहर रखने की संभावना
  3. जिलों में संगोष्ठी कर UCC के लाभ बताएगी विशेषज्ञ समिति

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जल्द लागू करने की तैयारी है। विधानसभा के मानसून सत्र में इससे जुड़ा विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है। इसका प्रारूप तैयार करने के लिए राज्य सरकार समिति बना चुकी है। अब राज्य सरकार यूसीसी पर नागरिकों को जागरूक करने के लिए इसके पक्ष में वातावरण बनाएगी। हर जिले में इसे लेकर संवाद और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। भाजपा भी जनसंवाद करेगी।

आदिवासी बहुल प्रदेश की चुनौतियों पर सरकार की नजर

उत्तराखंड और गुजरात यूसीसी लागू कर चुके हैं। मध्य प्रदेश की परिस्थिति उन राज्यों से अलग है। यहां आदिवासी समुदाय लगभग 22 प्रतिशत है। इनकी अपनी अलग परंपराएं हैं। दोनों राज्यों ने आदिवासियों को कानून के दायरे से बाहर रखा है। संभावना यही है कि मध्य प्रदेश में भी ऐसा ही हो, क्योंकि इसे लेकर राजनीति होने की संभावना है। कांग्रेस ने अभी से प्रश्न उठाने शुरू कर दिए हैं।


विशेषज्ञ समिति और जनसंवाद से तैयार होगा ड्राफ्ट

संवेदनशील मामला होने के कारण सरकार भी सतर्क है और जोखिम नहीं लेना चाहती है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रसाद देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई। इसमें कानूनविद से लेकर शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों को सदस्य बनाया। इसके साथ ही तय किया है कि जिलों में संवाद करके हर वर्ग के लिए यूसीसी के लाभ बताए जाएंगे।

समिति भी आदिवासी सहित समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद करके फीडबैक लेगी। इसके बाद विधेयक का प्रारूप तैयार करके सरकार को अनुशंसा सहित दिया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि विधानसभा के अगस्त-सितंबर में होने वाले मानसून सत्र में प्रस्तुत कर दिया जाए।

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