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भोपाल में रुबात के कुर्रा के दौरान बवाल: VIP कोटे की सीटें रिजर्व रखने और नवाबों की वक्फ की संपत्ति की सुविधाओं पर उठे सवाल

कुर्रा प्रक्रिया में 10 सीटें वीआईपी कोटे के लिए आरक्षित रखने पर लोगों ने सवाल उठाए और सभी आवेदकों को समान अवसर देने की मांग की।

By abrara khanEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 10:32:28 AM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 10:32:28 AM (IST)
भोपाल में रुबात के कुर्रा के दौरान बवाल: VIP कोटे की सीटें रिजर्व रखने और नवाबों की वक्फ की संपत्ति की सुविधाओं पर उठे सवाल
कुर्रा (लॉटरी) प्रक्रिया के दौरान 10 सीटें वीआईपी कोटे के लिए आरक्षित रखे जाने पर आम हाजियों और उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया और व्यवस्था पर सवाल उठाए। सौ- सोशल मीडिया, वीडियोग्रेब

HighLights

  1. लॉटरी के जरिए 200 हाजियों का चयन किया गया
  2. जबकि 25 आवेदकों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया
  3. 10 सीटें वीआईपी कोटे के लिए आरक्षित रखने पर सवाल

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मक्का में हज यात्रियों के मुफ्त ठहराव के लिए भोपाल रियासत के नवाबों द्वारा बनाई गई 'रुबात' की सुविधा को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। शनिवार को औकाफ-ए-शाही की ओर से आयोजित कुर्रा (लॉटरी) प्रक्रिया के दौरान 10 सीटें वीआईपी कोटे के लिए आरक्षित रखे जाने पर आम हाजियों और उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया और व्यवस्था पर सवाल उठाए।

1288 में से 200 हाजियों का हुआ चयन

कोहेफिजा स्थित सूफिया मस्जिद में आयोजित कुर्रा प्रक्रिया में भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों के कुल 1288 आवेदकों के नाम शामिल किए गए थे। इनमें से लॉटरी के जरिए 200 हाजियों का चयन किया गया, जबकि 25 आवेदकों को प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में रखा गया है।


वीआईपी कोटे की व्यवस्था पर लोगों ने जताया विरोध

कार्यक्रम शुरू होते ही 10 सीटें वीआईपी कोटे के लिए आरक्षित करने के फैसले का तीखा विरोध हुआ। प्रदर्शन कर रहे लोगों का तर्क था कि भोपाल के नवाबों और बेगमों ने रुबातें आम हाजियों के होटल का खर्च बचाने और उन्हें आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से बनाई थीं।

जब सीमित सीटों के लिए हजार से अधिक हाजी कतार में हैं, तो चयन में वीआईपी व्यवस्था का क्या औचित्य है? लोगों ने सभी आवेदकों को समान अवसर देने की मांग की।

यह भी पढ़ें- हज यात्रियों के लिए बड़ी खबर: मक्का रुबात में फ्री ठहर सकेंगे भोपाल के हाजी, 4 साल बाद बहाल हुई सुविधा

ऐन वक्त पर बदला गया आयोजन स्थल

परंपरागत रूप से रुबात का कुर्रा मोती मस्जिद में आयोजित किया जाता रहा है, लेकिन इस बार ऐन वक्त पर स्थान बदलकर सूफिया मस्जिद कर दिया गया। औकाफ-ए-शाही ने इसका कारण मोती मस्जिद के पास पार्किंग की समस्या बताया। हालांकि, ऐन वक्त पर जगह बदलने और वीआईपी आरक्षण को लेकर मुस्लिम समाज में खासी नाराजगी देखी गई।

कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

कार्यक्रम की शुरुआत कुरान की तिलावत से हुई और समापन दुआ के साथ हुआ। इस दौरान शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, शहर मुफ्ती अबुल कलाम, उत्तर भोपाल विधायक आतिफ अकील और औकाफ-ए-शाही एग्जीक्यूटिव कम एडवाइजरी कमेटी के सदस्य आजम अली खान मौजूद रहे।

हाजियों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से रुबात संचालन में कानूनी पेचीदगियां और विवाद चल रहे हैं। इसके चलते कई हाजियों को मक्का-मदीना में महंगे होटलों में रुकना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। अब वीआईपी कोटे की वजह से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और वक्फ संपत्ति के मूल उद्देश्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।