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भोपाल में 100 साल पुराने कमाली माता मंदिर पर मचा बवाल; रातों-रात मूर्तियां हटाने पर भड़के सांसद, कलेक्टर ने बनाई जांच समिति

सांसद आलोक शर्मा ने मंदिर परिसर में व्यावसायिक निर्माण का विरोध किया, जबकि कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्...और पढ़ें

By Sushil PandeyEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sun, 26 Jul 2026 01:00:57 PM (IST)Updated Date: Sun, 26 Jul 2026 01:00:57 PM (IST)
भोपाल में 100 साल पुराने कमाली माता मंदिर पर मचा बवाल; रातों-रात मूर्तियां हटाने पर भड़के सांसद, कलेक्टर ने बनाई जांच समिति
सांसद आलोक शर्मा ने कमाली मंदिर परिसर में बन रहे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। सौजन्य- आयोजक 

HighLights

  1. 100 साल पुराने कमाली माता मंदिर की मूर्तियां हटाए जाने पर विवाद
  2. सांसद आलोक शर्मा ने व्यावसायिक निर्माण का विरोध किया
  3. कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मामले की जांच करने के निर्देश दिए

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पुराने शहर के घोड़ानक्कास स्थित करीब 100 साल पुराने कमाली मंदिर को तोड़कर शापिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की बात पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया। सांसद आलोक शर्मा इसके विरोध में खड़े हो गए।

शनिवार को सांसद के नेतृत्व में क्षेत्रीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के पास पहुंचा। उन लोगों ने बताया कि मंदिर प्रबंधन ने उस कॉम्प्लेक्स के लिए प्रतिमाएं रातों-रात हटा दी थीं, जिसे भारी विरोध के बाद वापस स्थापित किया गया है।

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण का विरोध

अब कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले पर कलेक्टर कार्यालय में एक बैठक हो गई। पुराने शहर के सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि कमाली मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पुराने भोपाल की आस्था, संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। मंदिर परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।


बैठक में यह भी बताया गया कि पुराने भोपाल के अनेक क्षेत्रों के लोग विवाह से पूर्व माता पूजन तथा विवाह संपन्न होने के बाद नवविवाहित जोड़े के साथ इसी मंदिर में पूजा-अर्चना करने की परंपरा निभाते हैं। ऐसे में मूर्तियों के हटाए जाने से श्रद्धालुओं की धार्मिक परंपराएं प्रभावित हुई हैं, इसलिए मूर्तियों की शीघ्र पुनर्स्थापना आवश्यक है।

यह भी पढ़ें- भोपाल के प्राचीन कमली मंदिर में तनाव: सुबह गायब मिलीं मूर्तियां, आक्रोशित भक्तों ने खुद दोबारा की स्थापना; पुलिस से मांगी सुरक्षा

दोबारा स्थापित होंगी मूर्तियां

बैठक के बाद सांसद आलोक शर्मा कमाली मंदिर भी गए। वहां उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में व्यावसायिक निर्माण धार्मिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंदिर परिसर में शापिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा तथा समाज के विभिन्न संगठनों के सहयोग से मंदिर को संरक्षित एवं और अधिक भव्य बनाया जाएगा।

उन्होंने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि हटाई गई सभी मूर्तियों को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को पुनः माताजी एवं अन्य देवी-देवताओं के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सके।

कमाली मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में दो शापिंग काम्पलेक्स का निर्माण कर लिया है और तीसरे की तैयारी है। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए रास्ता बनाने के लिए मंदिर को हटाने की साजिश की जा रही है। मूर्तियां श्रद्धालुओं को सूचना दिए बिना रातों-रात स्थानांतरित की गई थीं। इससे पता चलता है कि मंदिर प्रबंधन के मन में खोट है।- विवेक साहू, महामंत्री, भोपाल किराना व्यापारी महासंघ

मंदिर बेहद जीर्ण-शीर्ण है। उसकी छत कभी भी ढह सकती है। दुर्घटना बचाने के लिए मूर्तियों को स्थानांतरित किया गया था। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए उसे नहीं हटाया गया है। जांच के लिए समिति का गठन किया जा रहा है, जो निर्णय आएगा हम उसका स्वागत करेंगे।- राजू महाराज, अध्यक्ष, कमाली मंदिर ट्रस्ट

अभी भी मुख्य प्रतिमा नहीं लौटी

दरअसल, इस पुराने मंदिर का विवाद नौ जुलाई को सामने आया। वहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर को खाली पाया। पता चला कि 8 जुलाई की रात को प्रबंधन ने मंदिर की देवी-देवताओं की मूर्तियां पास में ही स्थित एक दूसरे मंदिर में पहुंचा दिया था।

इसकी जानकारी होते ही स्थानीय लोग विरोध पर उतर आए। नाराज भक्त माताजी की छोटी मूर्तियों और पिंडियों को स्वयं उठाकर वापस उनके मूल स्थान (प्राचीन कमाली मंदिर) ले आए। वहीं बड़ी मूर्तियां फिलहाल उसी मंदिर में ही रखी हुई हैं।

श्रद्धालुओं का कहना है कि अस्थायी मंदिर में रखी मूर्तियों की भी पूरे विधि-विधान से पुन: स्थापना की जानी चाहिए।