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Union Budget 2026: शहरी चुनौती निधि से मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों का बदलेगा स्वरूप

आम बजट 2026 में पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और 3 के शहरों के डेवलपमेंट के लिए वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ का प्रविधान किया गया है। मध्य प...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 02 Feb 2026 08:57:14 AM (IST)Updated Date: Mon, 02 Feb 2026 09:16:40 AM (IST)
Union Budget 2026: शहरी चुनौती निधि से मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों का बदलेगा स्वरूप
आम बजट से इंदौर शहर का भी होगा विकास। - फाइल फोटो

HighLights

  1. बजट में सिटी इकोनोमिक रीजन के लिए 5000 करोड़ का प्रविधान है
  2. नगर पालिका बांड के एकल निर्गम के लिए 100 करोड़ का प्रोत्साहन
  3. इसके साथ ही मेट्रो परियोजना पर 29,740 करोड़ का बजट रखा गया है

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। आम बजट में शहरी विकास पर 95,522 करोड़ का बजट प्रविधान किया है। इससे मध्य प्रदेश के शहरी विकास को नए पंख लगेंगे। शहरी विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का शहरी चुनौती कोष से शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास और जल और स्वच्छता की नई पहल का कार्यान्वयन किया जाएगा। इससे सिटीज-2 और टाउन प्लानिंग स्कीम (टीपीएस) में मदद मिलेगी।

भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। टियर-2 शहरों में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नए उपाय किए जा सकेंगे। शहरी आबादी के दबाव को कम करने एकीकृत टाउनशिप पालिसी आकार लेगी।

पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और 3 के शहरों के डेवलपमेंट के लिए वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ का प्रविधान किया गया है। मध्य प्रदेश के अधिकतर शहर इस श्रेणी में हैं, प्रदेश को इस प्रस्तावित योजना से लाभ होगा। अमृत के तहत वर्तमान योजना जारी रहेगा। अमृत 2.0 में दो हजार करोड़ का प्रविधान है। इससे प्रदेश में पेयजल और सीवरेज की समस्या का समाधान होगा।


सिटी इकोनोमिक रीजन के लिए 5000 करोड़ का प्रविधान है। 10,000 करोड़ से अधिक के नगर पालिका बांड के एकल निर्गम के लिए 100 करोड़ का प्रोत्साहन दिया जाएगा। शहरों के विकास में फंड की कमी से निपटने मदद मिलेगी। मेट्रो परियोजना 29,740 करोड़ का बजट रखा गया है।

इससे इंदौर भोपाल के बाद जबलपुर, ग्वालियर जैसे शहरों में मेट्रो रेल का विस्तार संभव होगा। पीएम आवास में 18, 625 करोड़ रुपये के बजट प्रविधान से मप्र के पीएम आवास का लक्ष्य पूरा होगा। पांच लाख से अधिक आबादी वाले भोपाल, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों पर विशेष फोकस रखा गया है।