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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vande Bharat Express: मैं वंदे भारत एक्सप्रेस, आपके सफर को ही नहीं मप्र की आर्थिक गतिविधियों को भी दूंगी गति

व्यापारियों व उद्योगपतियों के कारोबार को गति देने वाली ट्रेन साबित होगी भोपाल से दिल्‍ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस!

By Ravindra SoniEdited By: Ravindra Soni
Publish Date: Sun, 02 Apr 2023 08:37:07 AM (IST)Updated Date: Sun, 02 Apr 2023 09:12:22 AM (IST)
Vande Bharat Express: मैं वंदे भारत एक्सप्रेस, आपके सफर को ही नहीं मप्र की आर्थिक गतिविधियों को भी दूंगी गति

हरिचरण यादव, भोपाल। मैं चल चुकी हूं और आगे भी चलना चाहती हूं, लेकिन मुझे आपका साथ चाहिए। वह साथ, जिसमें आप चले तो मैं भी न थकूं, न रूकूं और चलती रहूं। इसमें मेरा स्वार्थ नहीं और न ही अधिक रुपये कमाने की चाहत बल्कि मैं आपकी तरक्की को गति देना चाहती हूं क्योंकि मैं वंदे भारत एक्सप्रेस हूं।

जी हां, मैं रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस हूं। मेरे नाम के साथ जुड़ा वंदे भारत शब्द उस भारत का प्रतीक है, जो अपने हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं देना चाहता है। मैं भी अपने यात्रियों का भोपाल से दिल्ली के बीच समय बचाकर उनके कारोबार में सहयोग करना चाहती हूं। यकीन मानिए, मैं आपकी यात्रा को ही नहीं, आपके कारोबार को भी गति दूंगी।


वंदे भारत एक्सप्रेस शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद जिस मकसद से चली है, उसी उद्देश्य से 21 वर्ष पूर्व 2001 में शताब्दी एक्सप्रेस चली थी। जिसका असर यह हुआ कि भोपाल ही नहीं, समूचे मप्र के व्यापारी, कारोबारी, उद्योगपति और ब्यूरोक्रेट्स दोनों दोनों प्रमुख शहरों का सफर कम से कम समय में करने लगे। वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों शहरों के बीच की दूरी और कम समय में पूरा करेगी। लोक परिवहन मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह अकेले भोपाल से दिल्ली के बीच कम से कम समय में पहुंचना ही नहीं है, बल्कि इससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

भोपाल व मप्र के जिन उद्योगपतियों, कारोबारियों व व्यापारियों का काम दिल्ली से जुड़ा है वे आसानी से और कम से कम समय में आना जाना कर सकेंगे। इसी तरह दिल्ली रहने वाले जो उद्योगपति व कारोबारी मप्र में निवेश करना चाहते हैं, वे भी आसान होती लोक परिवहन की सुविधाओं को देखने के बाद अपना मन बनाएंगे। यही मन, मप्र व भोपाल की आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला साबित होगा।