
योजना लाड़, भोपाल। भारत की शाकाहार की परंपरा को अब मांसाहार प्रधान देशों में भी अपनाया जा रहा है। ग्लोबल लेवल पर अब गो वेजीटेरियन का जिक्र होने लगा है। विदेशों में भी वेजीटेरियंस की तादाद दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। वेजीटेरियन डाइट को अपनाने वाले मांसाहार और अंडे से दूर फल, सब्जियों और डेयरी प्रॉडक्ट्स पर निर्भर रहते हैं। कुल मिलाकर वेजीटेरियन डाइट प्लांट बेस्ड ज्यादा होती है।
एक ओर जहां विदेशों में गो वेजीटेरियन का नारा बुलंद हो रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत में एक और प्रकार की डाइट अपने पैर पसार रही है। इस डाइट को अपनाने वाले पूरी तरह से शाकाहार तो अपनाते ही हैं, लेकिन इस शाकाहारी डाइट में डेयरी प्रॉडक्ट्स शामिल नहीं होते हैं। वीगन डाइट या यूं कहें कि जैन डाइट में डेयरी प्रॉडक्ट्स के सब्स्टीट्यूड के तौर पर कुछ अन्य खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता है।
कई बार लोग मोटापा कम करने के लिए भी वीगन डाइट का सहारा लेते हैं। शहर में इन दिनों इस डाइट का क्रेज बढ़ता जा रहा है। यहां तक की अब शादियां भी वीगन डाइट फोकस्ड होने लगी है, जिनका मैन्यू इसी डाइट पर बेस्ड होता है। इसी तरह की एक शादी 3 फरवरी को शहर में होने जा रही है। लिहाजा, क्या है वीगन डाइट और क्या हैं इसके फायदे-नुकसान? इस पर नवदुनिया की विशेष रिपोर्ट -
क्या है वीगन डाइट
जब वीगन डाइट की बात की जाती है तो सबसे पहला सवाल मन में यही उठता है कि आखिर ये वीगन डाइट है क्या बला? तो हम आपको बता दें कि वीगन या जैन डाइट में पूरी तरह से केवल पौधों से उत्पादित खाद्य पदार्थ जैसे अनाज, सब्जियां, फल और नट्स शामिल होते हैं। बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन, आलिया भट्ट, आमिर खान, अनुष्का शर्मा, कंगना रनाउत और जॉन अब्राहम जैसे सुपरस्टार्स भी वीगन डाइट को अपना चुके हैं। पूरी तरह से शाकाहारी इस डाइट में मिल्क प्रॉडक्ट्स का भी इस्तेमाल नहीं किया जाता।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
इस डाइट में डेयरी प्रॉडक्ट्स नहीं का इस्तेमाल बिलकुल नहीं किया जाता। फ्रूट्स, वेजीटेबल्स और नट्स पर आधारित इस डाइट की वजह से भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और ओमेगा-3 तो मिलते हैं, साथ ही 12 रिच फूड्स भी इसके जरिए शरीर को मिल सकते हैं। इससे डिप्रेशन और एंग्जाइटी में भी राहत मिलती है, लेकिन जहां इस डाइट के इतने फायदे हैं वहीं कुछ नुकसान भी है। जो लोग इस डाइट को वजन कम करने के लिए फॉलो करते हैं, वो जाने-अनजाने एक्स्ट्रा कैलोरीज लेने लगते हैं। इस डाइट को फॉलो करने वाले लोगों को प्रतिदिन 60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, जो कि बिना मांसाहार या मिल्क प्रॉडक्ट्स के प्राप्त करना मुश्किल है। ऐसे में हेअर लॉस, वीकनेस, डल स्कीन और अन्य कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। वजन कम करने के लिए 10-12 दिन तो इस डाइट को फॉलो किया जा सकता है, लेकिन इससे ज्यादा समय तक इस डाइट को अपनाने से शरीर में कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। -डॉ. सिमरन खान, डायटीशियन, भोपाल
और भी हैं समस्याएं
इस डाइट को लगातार अपनाने की वजह से शरीर में प्रोटीन और विटामिन बी-12 की कमी भी हो सकती है, क्योंकि ये दोनों ही पोषक तत्व अंडे, दूध और मांस से बनी चीजों में ज्यादा होते हैं और सप्लीमेंट्स न लिए जाए तो विटामिन बी-12 की कमी के चलते आंखों का अंधापन भी घेर सकता है। इसके अलावा इस विटामिन की कमी की वजह से थकान, कमजोरी, डिप्रेशन, नर्व की समस्या और कमजोर याददाश्त की शिकायत भी हो सकती है।
शादी के मैन्यू वीगन डाइट पर
शादी के मैन्यू को वीगन डाइट पर आधारित रखा है। हम वीगन हैं और ये हमारे धर्म को बरकरार रखता है। जीओ और जीने दो की मान्यता पर आधारित इस डाइट को रूटिन लाइफ में अपनाना इतना मुश्किल नहीं है, जितना कि लोगों को लगता है। इस कारण से ही हमने शादी में वीगन फूड रखा है। वीगन में हर खाद्य पदार्थ का सब्स्टीट्यूड मौजूद है। मैन्यू तैयार करने से पहले हमने इस पर खासा रिसर्च किया था। दूध के विकल्प के तौर पर हमने कोकोनट मिल्क, कैशू मिल्क, आमंड मिल्क और वॉल्नट मिल्क से मिठाईयां तैयार कराई हैं। इसी प्रकार अन्य खाद्य पदार्थों के विकल्प भी अपनाए गए हैं। -चेतना जैन, वीगन डाइट फॉलोअर