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हरदा में ग्रामीणों को मिला जमीन का मालिकाना हक, सीएम मोहन यादव ने स्वामित्व योजना के तहत दिए रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हरदा जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वामित्व योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 के हितग्राहियों को रजिस्ट्री ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 05:32:49 PM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 05:32:49 PM (IST)
हरदा में ग्रामीणों को मिला जमीन का मालिकाना हक, सीएम मोहन यादव ने स्वामित्व योजना के तहत दिए रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को दिए रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र।

HighLights

  1. स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को दिए रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र
  2. गोंदागांव के ग्रामीणों को मिला अपनी जमीन का मालिकाना हक
  3. पटवारियों और राजस्व अधिकारियों के लिए सीएम के निर्देश

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल/हरदा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 9 अक्टूबर को हरदा जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 के हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम गोंदागांव के ग्रामीण निर्भयदास, भैयालाल को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस दौरान अन्य आठ हितग्राहियों को भी रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को सुरक्षा और आर्थिक सशक्तीकरण

इस मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र ग्रामीणजन को उसकी भूमि का अधिकार मिले। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल कानूनी सुरक्षा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं।


रजिस्ट्री मिलने से उनकी संपत्ति की कीमत बढ़ेगी और वे शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे। इधर, रजिस्ट्री प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अपनी भूमि का विधिवत मालिकाना हक मिलने से उन्हें अब बैंक से ऋण लेने में आसानी होगी, अपनी भूमि पर वे निर्भय होकर निर्माण एवं अन्य कार्य कर सकेंगे। उन्होंने सरकार की इस योजना की प्रशंसा की।

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भू-स्वामित्व रजिस्ट्री प्रक्रिया में गति लाने के निर्देश

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि भू-स्वामित्व के अंतर्गत रजिस्ट्री के कार्य में गति बढ़ाएं एवं पटवारियों को बताएं कि शासकीय कार्य निष्पादन में किसी के भी विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी, जिसमें वह राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में निष्पादन अधिकारी घोषित हैं। रजिस्ट्री का निष्पादन अधिकार अभिलेख में उल्लेखित जानकारी के आधार पर ही किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति के स्वामित्व का निर्धारण अथवा नई जानकारी का सृजन नहीं किया जा रहा है।