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दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत के सुर, प्रत्याशी न बनाए जाने से अवधेश नायक नाराज, मुख्यमंत्री ने कहा- वे हमारे भाई

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के साथ-साथ अवधेश नायक भी नाराज हैं। नायक को कांग्रेस ने 2023 में टिकट दिया था और फिर काट दिय...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 14 Jul 2026 09:00:31 PM (IST)Updated Date: Tue, 14 Jul 2026 09:00:31 PM (IST)
दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत के सुर, प्रत्याशी न बनाए जाने से अवधेश नायक नाराज, मुख्यमंत्री ने कहा- वे हमारे भाई
अवधेश नायक की नाराजगी कांग्रेस पर पड़ सकती है भारी।

HighLights

  1. अवधेश नायक ने फेसबुक पोस्ट से दिए बगावती संकेत
  2. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद बदले समीकरण
  3. अवधेश नायक की नाराजगी कांग्रेस पर पड़ सकती है भारी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। दतिया उपचुनाव में कांग्रेस से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के साथ-साथ अवधेश नायक भी नाराज हैं। नायक को कांग्रेस ने 2023 में टिकट दिया था और फिर काट दिया। इस बार भी पार्टी नेताओं ने उन्हें दो महीने पहले चुनावी तैयारी के लिए संकेत दिए थे लेकिन प्रत्याशी घनश्याम सिंह को बना दिया। यही वजह है कि नायक कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में भी नहीं पहुंचे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर संकेत दिए कि वे जल्द ही निर्णय करेंगे।

अवधेश नायक का सियासी सफर और भाजपा से जुड़ाव

अवधेश नायक दतिया के लिए कोई नया चेहरा नहीं हैं। वह 2008 में उमा भारती की पार्टी भारतीय जनशक्ति पार्टी से चुनाव लड़ चुके हैं। तब उन्हें 34,489 मत मिले थे। इसके बाद उन्होंने भाजपा से भी टिकट के प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। भाजपा और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी क्षमता और दतिया के समीकरण को देखते हुए 2016 में पाठ्य पुस्तक निगम का उपाध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।


टिकट कटने का दर्द और कांग्रेस में नाराजगी

डा. नरोत्तम मिश्रा से अनबन के चलते 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ले ली। कांग्रेस ने उन्हें अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया था लेकिन राजेंद्र भारती समर्थकों के विरोध और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के कारण टिकट काट दिया गया। हालांकि, डा. मिश्रा को हराने के लिए भारती के पक्ष में इस उम्मीद में खड़े हो गए कि आज नहीं तो कल अवसर मिलेगा मगर जब उपचुनाव की स्थिति बनी तो फिर पार्टी ने उनके स्थान पर घनश्याम सिंह को प्रत्याशी बना दिया। इससे आहत होकर वह घर बैठ गए।

भाजपा की नजर और मुख्यमंत्री का बयान

उधर, दतिया में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नायक की प्रशंसा की और कहा कि वे तो हमारे ही भाई हैं। भाजपा के संस्कार उनमें हैं। माना जा रहा है कि नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद बदली परिस्थिति में भाजपा नायक की घर वापसी कराने के प्रयास में है। कांग्रेस भी उन्हें लेकर सशंकित है, इसलिए स्टार प्रचारक की सूची में शामिल नहीं किया गया।

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मनाने पहुंचे पार्टी नेता और नायक का रुख

कांग्रेस नेता जानते हैं कि नायक की नाराजगी भारी पड़ सकती है, इसलिए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी नामांकन दाखिले से एक दिन पहले उनके घर पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पिछली बार टिकट का विरोध करने को लेकर मंच से माफी मांगी लेकिन उन्होंने जो पोस्ट की, उससे संकेत मिलते हैं कि उन्होंने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।

नायक ने पोस्ट किया कि मेरे निवास पर कांग्रेस-भाजपा दोनों दलों के प्रत्याशी भेंट करने आए थे। जीतू पटवारी सहित कांग्रेस के सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री संगठन के नेतागण भी आए थे। अभी मैंने कोई निर्णय नहीं लिया है। बसई अंचल सहित ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं साथियों से चर्चा शेष है, जो एक दो दिन में हो जाएगी। निर्णय दतिया के हित में ही होगा।