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35-37 साल की सेवा के बाद भी पदोन्नति का इंतजार, बिजली बोर्ड के इंजीनियरों का फूटा गुस्सा, चालू प्रभार की मांग

मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने मंडल संवर्ग के वरिष्ठ व पात्र सहायक अभियंताओं को कार्यपालन यंत्री का चालू प्रभार देने की मांग की है।

By naman MishraEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 29 Aug 2026 12:02:02 PM (IST)Updated Date: Sat, 29 Aug 2026 12:03:48 PM (IST)
35-37 साल की सेवा के बाद भी पदोन्नति का इंतजार, बिजली बोर्ड के इंजीनियरों का फूटा गुस्सा, चालू प्रभार की मांग
विद्युत मंडल के अभियंताओं को 35-37 साल की सेवा के बाद भी पदोन्नति का इंतजार (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. विद्युत मंडल के अभियंताओं का फूटा गुस्सा
  2. 35-37 साल की सेवा के बाद भी पदोन्नति का इंतजार
  3. 115 आरक्षित पदों पर मंडल संवर्ग के ही अभियंताओं को मिले अवसर

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने मंडल संवर्ग के वरिष्ठ व पात्र सहायक अभियंताओं को कार्यपालन यंत्री का चालू प्रभार देने की मांग की है। संघ ने इस संबंध में मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक को अभ्यावेदन सौंपकर 9 जून 2011 के मंत्रिपरिषद के निर्णय/परिपत्र के प्रावधानों का पालन कराने का अनुरोध किया है। संघ के अनुसार उक्त निर्णय के तहत मंडल संवर्ग के लिए कार्यपालन यंत्री के 115 पद आरक्षित हैं।

1989 से कार्यरत अभियंताओं का हक मारे जाने का आरोप:

इनमें वर्तमान में 21 अधिकारी नियमित पदोन्नत हैं, जबकि सात अधिकारी चालू प्रभार पर कार्यरत हैं। संघ का कहना है कि शेष आरक्षित पदों पर कंपनी संवर्ग के अधिकारियों को अवसर दिए जाने से मंडल संवर्ग के अधिकारियों के लिए निर्धारित पदों का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।


अभ्यावेदन में कहा गया है कि मंडल संवर्ग के कई अभियंता वर्ष 1989 से कनिष्ठ यंत्री के पद पर कार्यरत हैं और करीब 35 से 37 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके हैं।

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37 साल की सेवा और सिर्फ एक प्रमोशन

इसके बावजूद अनेक अधिकारियों को केवल एक नियमित पदोन्नति ही मिल सकी है। संघ ने मांग की है कि आरक्षित रिक्त पदों पर वरिष्ठता, अनुभव और पात्रता के आधार पर मंडल संवर्ग के सहायक अभियंताओं को कार्यपालन यंत्री का चालू प्रभार दिया जाए।