
Weather of MP: नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। एक दिन पूर्व देश में प्रवेश कर चुका पश्चिमी विक्षोभ सोमवार को उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसके अतिरिक्त पूर्वी मप्र से लेकर तमिलनाडु तक एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। इसके अतिरिक्त ऊपरी मंडल में हवा का बहाव उत्तर-पश्चिमी हो जाने के चलते तापमान में वृद्धि का सिलसिला सोमवार को थम गया। प्रदेश भर में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश में इंदौर में चार सालों अप्रैल की सबसे सर्द रात दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पिछले 24 घंटों में तापमान की बढ़त थमी है।
यही नहीं, अधिकतर हिस्सों में कमोबेश गिरावट ही दर्ज की गई, लेकिन यह अस्थाई ट्रेंड है। वर्तमान में सूर्य की किरणों सीधी पड़ रही हैं और 12 घंटे से अधिक धूप तप रही है। ऐसे में मौसम प्रणालियों का असर कम होते ही तापमान में बढ़त का क्रम फिर दिखेगा। अगले दो से तीन दिनों में दो से तीन डिग्री की बढ़त देखने को मिल सकती है। हालांकि पांच अप्रैल को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में आने से कुछ स्थानों पर फिर बादल छा सकते हैं। उसके बाद तापमान में कुछ गिरावट हो सकती है।

इंदौर में न्यूनतम तापमान चार साल में सबसे कम रहा। यहां सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान रविवार की अपेक्षा 4.5 डिग्री गिरकर 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पूर्व एक अप्रैल 2019 में यही तापमान दर्ज किया गया था।
सबसे अधिक तापमान वाले जिले
दमोह - 39.5
रीवा - 39.2
खजुराहो - 39.2
खरगोन - 39.0
मंडला - 39.0
(तापमान डिग्री सेल्सियस में)
24 घंटों में सबसे ज्यादा गिरावट
जिला - अधिकतम तापमा- 24 घंटे में गिरावट, डिग्री सेल्सियस
नर्मदापुरम - 37.2- 2.5
खजुराहो- 37.2- 1.6
सतना - 37.2- 1.6