
भोपाल। यदि आप घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं और इसके लिए आप कैश सबसिडी भी ले रहे हैं, तो अब आपको अपनी सालाना इनकम बतानी होगी, क्योंकि 10 लाख रुपए से अधिक सालाना आय वालों को एलपीजी कैश सबसिडी बंंद करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। राजधानी भोपाल में पिछले दो दिनों में हजारों ग्राहकों के मोबाइल पर एसएमएस आया।
इसमें बताया गया है कि ग्राहकों को फॉर्म भरकर अपनी वार्षिक इनकम बतानी होगी। इस बारे में पता करने के लिए लोगों ने एजेंसी और कंपनी में फोन किया, लेकिन वहां से कोई जानकारी नहीं मिली। घरेलू गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं को इस समय सीधे खाते में 161.70 रुपए की कैश सबसिडी भेजी जा रही है, लेकिन केंद्र सरकार की योजना है कि जिन लोगों की इनकम 10 लाख रुपए सालाना से अधिक है,उन्हें रसोई गैस सिलेंडर पर कैश सबसिडी न दी जाए।
इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्वैच्छिक आधार पर कैश सबसिडी छोड़ने की मुहिम चलाई थी लेकिन अब इसे पूरी तरह से लागू करने के लिए यह फैसला लिया गया है। इसके तहत गैस डीलर ग्राहकों को एक फार्म देंगे जिसमें हर उपभोक्ता को अपनी वार्षिक आय की जानकारी देना होगी।
स्वेच्छा से सबसिडी छोड़ने का मैसेज-
राजधानी में मंगलवार को कई एलपीजी उपभोक्ताओं को कैश सबसिडी वाले मैसेज मिले। इसमें कहा गया है कि अगर उनकी वार्षिक आय 10लाख रुपए से ज्यादा है तो वे स्वेच्छा से कैश सबसिडी छाेड सकते हैं। जो लोग ऐसा नहीं करते हैं,उन्हें फार्म भरकर अपनी आय की जानकारी देनी होगी। इस बारे में फिलहाल तेल कंपनियों के अधिकारियों को पूरी जानकारी नहीं है। मैसेज में बताया गया कि इनकम क्लिेशन वाला फार्म मायएलपीजी वेबसाइट या गैस एजेंसी से मिलेगा।
4 लाख 75हजार उपभोक्ता डीबीटीएल से जुड़े-
डायरेक्ट बेनिफिट कैश ट्रांसफर फॉर एलपीजी (डीबीटीएल) पहल योजना से जुड़ने के लिए 31दिसम्बर 2015 तक का समय तय किया गया था लेकिन अभी भी भोपाल जिले में लगभग 40 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने गैस कनेक्शन को लिंक नहीं कराया है। जानकारी के अनुसार 5 लाख 18 हजार घरेलू गैस कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं में से अब तक भोपाल जिले में 4लाख 75 हजार उपभोक्ता डीबीटीएल से जुड़े हैं।
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आ रहे मैसेज-
उपभोक्ताओं के मोबाइल पर इस तरह के मैसेज पिछले दो दिनों से आ रहे हैं। अभी इस बारे में गाइडलाइन नहीं आई है।
-आरके गुप्ता, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन मप्र इकाई