भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजगढ़ जिले का एक 12 वर्षीय बालक माता-पिता की डांट से परेशान होकर घर छोड़कर भाग गया। वह न तो स्कूल का और न ही ट्यूशन का होमवर्क करता था। इस कारण उसे एक दिन पिता ने डांटा और पिटाई भी लगा दी। इसके बाद बालक घरवालों को बिना बताए बस में बैठ गया और भोपाल पहुंच गया। चाइल्ड लाइन के पास कोहेफिजा थाने के माध्यम से यह बालक पहुंचा। बालक को सड़क पर भटकते देखकर एक व्यक्ति ने पुलिस को जानकारी दी थी। चाइल्ड लाइन में काउंसिलिंग के दौरान पहले तो वह खुद को भोपाल का बताता रहा। जब लगातार बात की गई तो उसने बताया कि वह राजगढ़ जिले का है और अपना घर छोड़कर अपनी मर्जी से निकल आया है। इसके बाद बालक ने अपने पिता का मोबाइल नंबर भी दिया, जिस पर बात कर परिवार को भोपाल बुलाया गया।

बालक ने इस दौरान बताया कि उसका लिखने-पढ़ने में मन नहीं लगता है। माता-पिता उसे होमवर्क पूरा न होने पर डांटने लगते हैं। एक दिन पिता ने डांटने के साथ एक थप्पड़ भी मार दिया। बालक ने कहा मुझे बहुत बुरा लगा और इसलिए मैं घर से आ गया। हालांकि, बालक ने काउंसिलिंग के दौरान कहा कि उसे परिवार की याद आने लगी थी, लेकिन वह डर के मारे घर वापस नहीं जा रहा था। भोपाल पहुंचने पर अभिभावकों ने बताया कि बच्चा पढ़ाई नहीं करता है और बिना बताए अपने दोस्त के घर जाकर घंटों खेलता है। इस कारण गुस्सा आने पर उसकी पिटाई कर दी थी। पिता ने कहा कि वह मध्यमवर्गीय परिवार से हैं और घर में शिक्षा को लेकर सभी गंभीर हैं, इसलिए बेटे की लापरवाही के कारण डांट देते हैं। उन्हें अंदेशा नहीं था कि बेटा ऐसा कर जाएगा। इस मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने बच्चे और अभिभावक दोनों की काउंसिलिंग कर उसे साथ में घर भेजा।

टीटी नगर में भीड़ में बिछड़ गया बच्चा चाइल्ड लाइन के पास पहुंचा

वहीं, एक अन्य मामले में तीन वर्ष का बच्चा टीटी नगर थाने के माध्यम से चाइल्ड लाइन के पास पहुंचा था। बच्चे का परिवार मालवीय नगर क्षेत्र में मेहनत-मजदूरी करता है। परिवार ने बताया कि बताया कि गुरुवार को साईं बाबा की पालकी निकली थी। इसी भीड़ में बच्चा कहीं बिछड़ गया था। बच्चे के संबंध में आवश्यक दस्तावेज देखने के बाद उसे परिवार को सौंपा गया है। बता दें कि अगल-अलग थाना क्षेत्र से सिटी चाइल्ड लाइन के पास पहुंचे दो बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर उनके परिवारों को सौंपा गया है। यह दोनों बच्चे शहर में भटकते हुए पुलिस को नजर आए थे। मामले में काउंसिलिंग के बाद बच्चों ने परिवार के संबंध में जो जानकारी दी, उसी के आधार पर परिवारों को खोजकर बच्चों को सौंपा गया।

Posted By: Ravindra Soni

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