
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी में मोबाइल नेटवर्क की गुणवत्ता को लेकर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि सभी कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं है।
जून 2026 में किए गए इस परीक्षण में डेटा स्पीड, कॉल ड्रॉप, नेटवर्क कवरेज और आवाज की गुणवत्ता जैसे मानकों पर चार प्रमुख दूरसंचार कंपनियों की सेवाओं का मूल्यांकन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस जियो ने अधिकांश मानकों पर सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सरकारी कंपनी बीएसएनएल सबसे कमजोर स्थिति में रही।
ट्राई के क्षेत्रीय कार्यालय की देखरेख में 8 से 16 जून 2026 के बीच भोपाल शहर, प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, व्यावसायिक क्षेत्रों तथा आसपास के राजमार्गों पर स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट किया गया। इस दौरान लगभग 301 किलोमीटर शहर में वाहन से और करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर नेटवर्क की गुणवत्ता जांची गई।
इसके अलावा प्रमुख हॉटस्पॉट और राजमार्गों पर भी कॉल और इंटरनेट सेवाओं का परीक्षण किया गया। जांच के दौरान मोबाइल फोन को स्वतः नेटवर्क चयन मोड में रखकर वास्तविक परिस्थितियों में सेवाओं का आकलन किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार भोपाल शहर में रिलायंस जियो ने औसतन 291.53 मेगाबाइट प्रति सेकंड डाउनलोड गति दर्ज की, जो अन्य कंपनियों से कई गुना अधिक रही। वोडाफोन-आइडिया 63.96 मेगाबाइट प्रति सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि एयरटेल की डाउनलोड गति 44.25 मेगाबाइट प्रति सेकंड दर्ज की गई। बीएसएनएल की डाउनलोड गति केवल 10.68 मेगाबाइट प्रति सेकंड रही।
अपलोड गति में भी जियो 34.92 मेगाबाइट प्रति सेकंड के साथ सबसे आगे रहा। एयरटेल 15.49, वोडाफोन-आइडिया 12.50 और बीएसएनएल 7.20 मेगाबाइट प्रति सेकंड तक ही पहुंच सका।
ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार बीएसएनएल के नेटवर्क में सबसे अधिक कमियां सामने आईं। परीक्षण के दौरान बीएसएनएल के 1,532 स्थानों पर कमजोर सिग्नल और 505 स्थानों पर नेटवर्क उपलब्ध नहीं मिला। इसके मुकाबले जियो में केवल 131, एयरटेल में 293 और वोडाफोन-आइडिया में 473 स्थानों पर कमजोर सिग्नल दर्ज किए गए।
कॉल ड्रॉप के मामले में भी बीएसएनएल सबसे पीछे रहा। भोपाल शहर में परीक्षण के दौरान बीएसएनएल की 16 कॉल बीच में कट गईं। इसके मुकाबले जियो और वोडाफोन-आइडिया में केवल एक-एक तथा एयरटेल में तीन कॉल ड्रॉप दर्ज हुईं। इंदौर-नीमच राजमार्ग पर जियो की सभी कॉल सफल रहीं और एक भी कॉल बीच में नहीं कटी।
रिपोर्ट में बातचीत के दौरान तीन सेकंड से अधिक समय तक आवाज बंद रहने की समस्या का भी परीक्षण किया गया। बीएसएनएल में ऐसी 21 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया में यह संख्या केवल तीन से चार के बीच रही। इससे स्पष्ट है कि आवाज की गुणवत्ता के मामले में भी निजी कंपनियों ने बेहतर प्रदर्शन किया।