
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सोशल मीडिया पर एक पोस्ट ने इन दिनों राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है। इस पोस्ट के बाद लोग कयास लगा रहे हैं कि राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद दिग्विजय राजनीति से संन्यास ले सकते हैं। इसके पीछे मूल पोस्ट सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर सिबानंद भंजा की है। वह सेवानिवृत्ति के बाद भारत भ्रमण पर निकले हैं। उनकी फोटो के साथ दिग्विजय सिंह ने पोस्ट में प्रश्न किया- मेरी सेवानिवृत्ति योजनाएं? हो सकता है। क्यों नहीं? बता दें, दिग्विजय सिंह का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल इसी वर्ष जून में समाप्त होने वाला है।
दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति का वह चेहरा हैं जिसे कुछ लोग 'चाणक्य' मानते हैं, तो कुछ विवादों का केंद्र। सोशल मीडिया पर उनकी हालिया पोस्ट में उन्होंने न केवल विदाई के संकेत दिए, बल्कि कांग्रेस के भीतर एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट भी पैदा कर दी है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद दिग्विजय सिंह ने कोई चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी थी। यह संकेत देता है कि वे अब सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाकर 'मार्गदर्शक' की भूमिका में आना चाहते हैं।
भाजपा के दृष्टिकोण से इसे देखें तो दिग्विजय सिंह हमेशा से उसके लिए सॉफ्ट टारगेट रहे हैं। वह उनके 10 साल के मुख्यमंत्री के कार्यकाल की खामियां गिनाती रहती है। उनके हटने से भाजपा को चुनावी नैरेटिव बदलने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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दिग्विजय सिंह को ठीक से जानने वाले लोग मानते हैं कि उन्होंने जब जो कहा, उसका पालन भी किया। कहा जा रहा है कि अब दिग्विजय सिंह अगले ढाई वर्ष तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत कर राज्य में कांग्रेस सरकार बनाने की राह बनाएंगे। हालांकि कुछ दिनों पहले के उनके एक बयान को याद किया जाए तो संन्यास लेने जैसी किसी बात पर भरोसा नहीं होता है। उन्होंने जनवरी में कहा था कि 'न टायर्ड हूं और न ही रिटायर होने जा रहा हूं'।
राजनीति में कोई भी व्यक्ति सदैव सक्रिय रहना चाहता है पर दिग्विजय के सामने संकट यह है कि इसके बाद उनकी पार्टी में क्या भूमिका होगी। यही वजह है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये राहुल गांधी को संकेत दिया है कि मैं रुकूं या जाऊं। - रशीद किदवई, राजनीतिक विश्लेषक