
डिजिटल डेस्क, भोपाल। राजधानी भोपाल में मौसम का मिजाज तेजी से बदला है और वर्ष 2018 के बाद पहली बार मानसून की पूरी तरह विदाई होने से पहले ही ठंड की शुरुआत हो चुकी है। शुक्रवार को शहर के एयरपोर्ट रोड इलाके में न्यूनतम तापमान गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगर पिछले वर्ष की बात करें तो 2 अक्टूबर को पारा 22.8 डिग्री सेल्सियस था, यानी इस बार तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
शहर के चारों मौसम केंद्रों में पिछले साल के मुकाबले तापमान 2 डिग्री तक कम रिकॉर्ड हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं का आगमन समय से पहले ही हो गया है। सामान्य तौर पर ये हवाएं अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर की शुरुआत में सक्रिय होती हैं, लेकिन इस बार जल्दी आने के कारण मौसम समय से पहले ठंडा हो गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के समय से पहले सक्रिय होने और पहाड़ी क्षेत्रों में शुरू हुई बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड जल्दी बढ़ गई है। स्थानीय भौगोलिक बनावट और हवा के पैटर्न के कारण अलग-अलग इलाकों में सुबह के समय ठंड के अहसास में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है।
एक ही शहर में अलग-अलग तापमान की मुख्य वजहें
एयरपोर्ट और कोलार जैसे खुले व कम कंक्रीट वाले इलाकों में आसमान साफ होने के कारण जमीन तेजी से ठंडी होती है, जिससे पारा जल्दी गिरता है।
अरेरा हिल्स जैसे घनी आबादी और कंक्रीट के निर्माण वाले क्षेत्रों में सड़कें और इमारतें दिनभर की गर्मी को सोख लेती हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं, जिससे वहां तापमान थोड़ा अधिक बना रहता है।
शांत रातों में ठंडी और भारी हवा ढलान वाले या निचले खुले इलाकों में एकत्रित हो जाती है, जिससे वहां अधिक ठंड का अहसास होता है।
मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून की वापसी के साथ ही आसमान साफ रहने और हवा में नमी कम होने से रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भोपाल और नवी बाग क्षेत्र में न्यूनतम पारा 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। कोलार और एयरपोर्ट क्षेत्र में ज्यादा ठंड रहेगी, जबकि नए शहर के कंक्रीट वाले हिस्सों में तापमान थोड़ा अधिक रह सकता है।