
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नाबालिग मंगेतर से दुष्कर्म के आरोप में घिरे शहर के उभरते युवा संगीतकार विवेक तिवारी ने खुदकुशी कर ली। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात उनके कमरे में शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें उन्होंने नाबालिग मंगेतर को परेशान न करने की बात लिखी है।
दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज था
बताया जा रहा है कि सितंबर 2025 में विवेक के खिलाफ बिलखिरिया थाने में दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस केस में वह करीब चार महीने तक जेल में रहे थे और करीब 20 दिन पहले ही जमानत पर बाहर आए थे। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और 23 मार्च को अगली सुनवाई होनी है।
25 वर्षीय विवेक तिवारी मूल रूप से सलकनपुर क्षेत्र के रहने वाले थे और परिवार के साथ भोपाल के कोकता मल्टी में रहते थे। वह बचपन से ही संगीत से जुड़े हुए थे और हारमोनियम वादन व गायन के क्षेत्र में पहचान बना चुके थे। विवेक कई राज्यों में प्रस्तुति दे चुके थे और नए कलाकारों को संगीत की शिक्षा भी देते थे। उनके पिता सलकनपुर के एक मंदिर में पुजारी हैं।
परिचित की बेटी से सगाई
जानकारी के अनुसार बिलखिरिया क्षेत्र में रहने वाले एक परिचित की बेटी से विवेक की सगाई हुई थी। दोनों की शादी किशोरी के 18 वर्ष पूरे होने के बाद तय की गई थी। आरोप है कि 27 सितंबर को विवेक किशोरी को स्कूल से घुमाने के बहाने ले गया और दुष्कर्म किया।
इसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद हुआ और किशोरी की शिकायत पर विवेक के खिलाफ दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। वहीं उसकी मां और बहन पर मारपीट का आरोप भी लगाया गया था।
सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर तनाव में
परिजनों के अनुसार केस दर्ज होने के बाद से विवेक अपनी और पिता की सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर तनाव में रहते थे। जेल से जमानत पर छूटने के बाद उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना भी बंद कर दिया था। मंगलवार रात करीब तीन बजे परिजनों ने उन्हें कमरे में फांसी के फंदे पर लटका पाया।
सुसाइड नोट में विवेक ने लिखा, “मैं तुमसे प्यार करता हूं, लेकिन तुमने मेरे साथ गलत किया। जहां रहो, खुश रहो।” इसके साथ ही उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी और मंगेतर को परेशान न करने की बात भी लिखी।
विवेक के गुरु और संगीतकार विजय सप्रे ने बताया कि वह बेहद प्रतिभाशाली कलाकार था। वह हारमोनियम के साथ कई वाद्ययंत्र बजाने में माहिर था और अच्छा गायक भी था। विवेक ने संस्कृति विभाग के कई कार्यक्रमों में प्रदेशभर में प्रस्तुतियां दी थीं और दिल्ली समेत कई शहरों में भी कार्यक्रम किए थे।
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