बकरा पार्टी के नाम पर आदिवासियों के मतांतरण का प्रयास, कहा- क्रिश्चियन धर्म अपनाने से मिलता है स्वर्ग
बकरा पार्टी के नाम पर गांव के कैलाश बारेला सहित अन्य लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कैलाश की शिकायत पर शाहपुर था ...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 02 Jan 2026 05:13:37 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Jan 2026 05:20:46 PM (IST)
बुरहानपुर में धर्मांतरण का मामला सामने आया।HighLights
- शाहपुर थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ दर्ज किया प्रकरण
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। जिले में कार्यरत ईसाई मिशनरी लगातार आदिवासियों काे लालच देकर मतांतरण का प्रयास कर रही है। शुक्रवार को शाहपुर थाना क्षेत्र के खामनी गांव के वडाला मोहल्ले में इसी तरह का मामला सामने आया है। जहां बकरा पार्टी के नाम पर गांव के कैलाश बारेला सहित अन्य लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कैलाश की शिकायत पर शाहपुर थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। बता दें कि बीते कुछ सालों में मिशनरी ने मतांतरण के पैटर्न में बदलाव किया है।
अब ईसाई समाज के लोग स्वयं इसके लिए सामने नहीं आते हैं, बल्कि मतांतरण कर चुके आदिवासियों को इस काम में लगाया जा रहा है।
वडाला में भी धर्म बदल चुके जम्बूपानी और खामनी गांव के आदिवासी जीवन बारेा, रामा बारेला, डेगी बारेला, युवराज, गोकुल, महेंद्र बारेला को इस काम में लगाया गया था। फिलहाल सभी अारोपित फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
क्रिश्चियन धर्म अपनाने से मिलता है स्वर्ग
- कैलाश ने पुलिस को बताया कि नए साल पर एक जनवरी को क्रिश्चियन धर्म अपना चुके जीवन पुत्र हीरामल बारेला ने घर में बकरा पार्टी रखी थी। जिसमें मालवीर के रामा बारेला सहित अन्य लोगों को बुलाया था।
- कैलाश के साथ सुभाश, गणदास, नानेश्वर आदि एक दर्जन लोगों को भी आमंत्रण दिया था।
- दोपहर में जब वे पहुंचे तो रामा व अन्य लजोगों ने कहा कि क्रिश्चियन धर्म अपनाने से स्वर्ग मिलता है।
- साथ्ज्ञ ही परिवार को आर्थिक लाभ भी होता है। उन्होंने ईसाई धर्म से संबंधित कुछ किताबें और फोटो भी दिखाए। कैलाश उनके आफर को ठुकरा कर लौट आया और बाद में थाने में शिकायत दर्ज कराई।
धूलकोट क्षेत्र में भी गिरोह सक्रिय
- बता दें कि जिले के आदिवासी बहुल धूलकोट क्षेत्र में भी इस तरह का गिरोह सक्रिय है। तीन साल पहले वहां मतांतरण के दो मामले सामने आए थे।
- जिस पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार भी किया था। तब भी आदिवासियों को नौकरी लगवाने, इलाज कराने और रुपये का लालच देकर मतांतरण का प्रयास किया गया था।
- सूत्रों के अनुसार बीते करीब एक दशक से सक्रिय मिशनरी अब तक जिले के हजारों आदिवासियों का मतांतरण करा चुकी है।
- मतांतरण कर चुके लोग अब अपने ही समाज के लोगों को इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे आदिवासियों को मिलने वाली सुविधाएं भी ले रहे हैं और मिशनरी से आर्थिक सहायता भी प्राप्त कर रहे हैं।