
बुरहानपुर (नईदुनिया)। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के दूसरे चरण में रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालाघाट से सिंगल क्लिक के जरिए शहरी पथ विक्रेताओं के खाते में ऋण की राशि अंतरित की। इस दौरान उन्होंने वर्चुअल माध्यम से बुरहानपुर जिले के पथ विक्रेता महाजनापेठ निवासी मानिक पवार से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने पूछा मानिक जी आप क्या करते हैं। कोरोना काल में आपका काम कैसे चला, पीएम स्वनिधि योजना का पहली बार लाभ ले रहे हैं क्या। आपका व्यवसाय कैसा चल रहा है। फेरी लगाकर कपड़े व साड़ियां बेचने वाले मानिक पवार ने बताया कि कोरोना काल के दौरान भी उन्हें इस योजना के तहत ऋण राशि मिली थी। जिससे उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया। योजना के तहत दूसरी बार उन्हें लाभ मिला है वे इससे बेहद प्रसन्ना हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अन्य पथ विक्रेताओं के साथ ही जिले के पथ विक्रेताओं के खाते में 11.70 लाख रुपये अंतरित किए।
इस दौरान अन्य सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों को भी सम्मानित किया गया। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने हितग्राहियों को
बधाई देते हुए कोरोना से सुरक्षा देने वाला टीका लगवाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अब तक टीका नहीं लगवाया है वे आगे आकर टीका लगवाएं और अपने रिश्तेदारों, परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरा नगर निगम आयुक्त एसके सिंह, पूर्व महापौर अनिल भोंसले, पूर्व निगम अध्यक्ष मनोज तारवाला, सहायक आयुक्त सलीम खान, कमलेश पाटीदार, उपायुक्त वित्त सचिन सिटोले सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
सीएम से बात करना अद्भुत पल
कार्यक्रम के बाद मानिक पवार ने कहा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात करना अद्भुत पल था। उन्होंने बताया कि परिवार में मां देवका बाई, पत्नी व दो पुत्र हैं। बड़े बेटे ने बारहवीं कक्षा पास कर ली है और अब कॉलेज जा रहा है। छोटा बेटा कक्षा नौवीं में अध्ययनरत है। उन्होंने बताया कि पत्नी ज्योतिबाई घर से साड़ी का कारोबार करती है, जबकि वे गांव-गांव फेरी लगाकर कपड़े बेचते हैं। इससे रोजाना आठ सौ से एक हजार तक का व्यवसाय हो जाता है। कोरोना काल में परिवार की माली हालत बिगड़ गई थी। इसी बीच पत्नी को स्ट्रीट वेंटर आत्म निर्भर योजना के बारे में पता चला और उन्होंने आवेदन भर दिया। हफ्तेभर बाद ही उन्हें दस हजार का ऋण मिल गया, जिससे माली हालत सुधर गई।