नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर/नेपानगर। फसल उगाने के लिए बैंक से लिया गया कर्ज नहीं चुका पाने के कारण बुधवार को एक किसान द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। जान देने के लिए उसने उसी कीटनाशक को पी लिया, जिससे अब तक फसलों की सुरक्षा करता आया था। मृतक किसान छगन लाल सिंह निवासी मझगांव नावरा के बेटे मुकेश ने बताया कि पिता ने बैंक आफ इंडिया की नावरा शाखा से चार लाख रुपये का कर्ज लिया था।
इस राशि से मझगांव स्थित चार एकड़ खेत में फसल लगाई थी। आंधी तूफान से फसल को नुकसान हुआ था। बैंक बार-बार नोटिस भेज रहा था। जिससे पिता मानसिक रूप से परेशान थे और इसी के चलते कुछ दिन से ज्यादा शराब पी रहे थे। बुधवार को शराब के नशे में खेत पहुंच कर कीटनाशक पी लिया।
स्वजन उसे नेपानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया गया है। इलाज करने वाले डा. ज्ञानेंद्र ने बताया कि किसान को कीटनाशक पीने के करीब दो घंटे बाद अस्पताल लाया गया था। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी।
कर्ज से परेशान किसान द्वारा कीटनाशक पीकर आत्महत्या के प्रयास की एक सप्ताह में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 31 मई को बक्खारी गांव के किसान सुपड़ू तुकाराम ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बचा लिया था। किसान सुपडू का कहना था कि उसने केले के चार हजार पौधे लगाए थे। गत 25 मई को आए आंधी तूफान से सारे पौधे गिर गए थे।
फसल के लिए लोगों से कर्ज ले रखा था। इसी चिंता में उसने कीटनाशक पी लिया था। बता दें कि आंधी तूफान से हुई फसल नुकसानी का सर्वे भी अब तक पूरा नहीं हो पाया है। जिससे किसानों को मुआवजा वितरण में देरी हो रही है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव अजय रघुवंशी ने किसानों द्वारा किए जा रही आत्महत्या की घटनाओं पर दुख जताते हुए प्रदेश सरकार से जल्द मुआवजा वितरित करने और किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है।