
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। सोमवार शाम आए आंधी-तूफान और प्री-मानसून की वर्षा ने जिले के किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। एक अनुमान के अनुसार लगभग अस्सी प्रतिशत केला फसल बर्बाद हो चुकी है। इस बार जिले में 26 हजार 120 हेक्टेयर में केला फसल लगाई गई थी।
अनुमान है कि दस हजार हेक्टेयर से ज्यादा की फसल को आंधी-तूफान से नुकसान पहुंचा है। लोनी, बिरोदा सहित कई गांव तो ऐसे हैं, जहां पूरी तरह फसल खराब हो गई है। जानकारों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को सौ करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
कलेक्टर हर्ष सिंह ने इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को नेपानगर के लिए चार दल और बुरहानपुर के लिए पांच सर्वे दल गठित कर दिए हैं। अभी और दल बनाए जा रहे हैं। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आंधी-तूफान के कारण नेपानगर क्षेत्र के ग्राम घाघरला, नावरा, सीवल, डाभियाखेड़ा, हैदरपुर, दूधिया सहित अन्य गांवों में भी फसल को भारी नुकसान हुआ है। अचानक बदले मौसम और तेज हवा के कारण खेतों में खड़ी केले की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई है। जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्राम घाघरला निवासी किसान तोताराम राठौर ने बताया कि उन्होंने बैंक और अन्य स्रोतों से कर्ज लेकर केले की खेती की थी। फसल अच्छी स्थिति में थी और जल्द ही कटने वाली थी, लेकिन इससे पहले आंधी-तूफान ने पूरी फसल को नष्ट कर दिया। अब उनके सामने सबसे बड़ी चिंता कर्ज चुकाने की है। यदि शासन से सहायता नहीं मिली तो परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो जाएगा।
सीवल के गोपाल पाटिल, प्रशांत पाटिल, जितेंद्र पाटिल, नंदाबाई बाबूराव, पांडुरंग महाजन, संदीप महाजन, नरेंद्र चौधरी के पांच-पांच हजार केले के पौधे खराब हुए हैं। रूपेश निमाड़े, श्रीकांत पाटीदार, संजय पाटीदार के करीब छह हजार, आयुष चौधरी के 8500, दत्तू आनंद पाटिल के 20 हजार पौधों को नुकसान हुआ है। इसी तरह गोरड़िया में विनोद पाटिल कि छह हजार और गोपाल महाजन के आठ हजार पौधे खराब हुए हैं। यह आंकड़े किसानों के अनुसार हैं। कई किसान अब भी वास्तविक नुकसान का अनुमान ही नहीं लगा पा रहें हैं।
तेज हवा ने ग्रामीण अंचल में कहर बरपाया है। कई कच्चे मकान धाराशाई हुए हैं। तेज हवा के चलते मकानों के टिन कागज कि तरह हवा में उड़ गए और दीवारें भरभरा कर गिर पड़ीं। जिसमे ग्रामीणों के घर का सामान दब गया। इसके साथ ही मुख्य सड़क और गांव में कई बड़े पेड भी गिरे हैं। कई पेड़ जमीन से जड़ों के साथ उखड़ गए।
प्राकृतिक आपदा से टूटे किसानों को संबल देने के लिए कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से उनका कर्ज माफ करने की मांग की है। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मुकेश महाजन, अजय सिंह रघुवंशी, हेमंत पाटिल, निखिल खंडेलवाल आदि ने कलेक्टर को एक ज्ञापन देकर कर्ज माफी के साथ मौसम आधारित फसल बीमा का लाभ दिलाने, जल्द सर्वे करा मुआवजा देने की मांग भी की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने तीन माह में फसल बीमा लागू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन सात साल बाद भी किसान इससे वंचित हैं। मांग पूरी नहीं होने पर कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।