
नईदुनिया प्रतिनिधि, बुरहानपुर। अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ खकनार थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पाचोरी निवासी विकास सिंह उर्फ विक्की पटवा (20) और खकनार खुर्द निवासी अकलेश उर्फ कान्हा वसावे (21) को सात देसी पिस्टल और तीन खाली मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त हथियारों की कीमत करीब सवा लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस का क्या कहना है इसको लेकर
एसपी आशुतोष बागरी ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पाचोरी और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की सख्ती बढ़ने के बाद सिकलीगरों ने हथियार तस्करी का तरीका बदल दिया है। अब वे सीधे तस्करों या ग्राहकों को डिलिवरी देने के बजाय गरीब और बेरोजगार युवाओं को कैरियर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। पकड़ा गया अकलेश उर्फ कान्हा भी ऐसे ही युवाओं में शामिल है।
पुलिस के अनुसार तस्कर पहले युवाओं तक हथियार पहुंचाते हैं और फिर उन्हीं के माध्यम से ग्राहकों तक डिलिवरी करवाई जाती है। एक दिन पहले भी खकनार पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से तीन देसी पिस्टल बरामद की थीं।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने बताया कि 16 मई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक ग्राम मोहनगढ़ के पास रेलवे पुलिया के नीचे अवैध हथियारों की खेप के साथ खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपितों को दबोच लिया।
तलाशी के दौरान विकास के पास से दो और अकलेश के पास से पांच देसी पिस्टल बरामद हुईं। दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
इंटरनेट मीडिया से जोड़ रहे नेटवर्क
एसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि हथियार तस्करी में ज्यादातर 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवक शामिल हैं। सिकलीगर इंटरनेट मीडिया के माध्यम से न केवल ग्राहकों, बल्कि कैरियर के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले युवाओं से भी संपर्क कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पांच से दस हजार रुपये के लालच में बेरोजगार युवक अनजाने में मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में आपराधिक वारदातों के लिए हथियार सप्लाई कर रहे हैं। पुलिस ऐसे युवाओं के पुनर्वास के लिए भी प्रयास करेगी, लेकिन जानबूझकर अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सात पिस्टल लेकर फरार तस्कर की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार एक दिन पहले पकड़े गए तस्कर ईडा ने पूछताछ में बताया था कि उसने पाचोरी निवासी हरदीप से दस पिस्टल खरीदी थीं। इनमें से सात पिस्टल रणजीत नामक तस्कर को दे दी गई थीं। ये हथियार किस राज्य में पहुंचाए गए, इसका अब तक पता नहीं चल सका है। हरदीप और रणजीत दोनों फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
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