छतरपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। ओडिशा से 12 साल की नाबालिग बालिका को छतरपुर लाकर पहले 80 हजार रुपये में उसका सौदा किया, फिर उसकी शादी एक अधेड़ से करा दी गई है। सच्चाई जानकर रात में करीब 2 बजे मौका पर ससुराल से भागकर नाबालिग छतरपुर में चाइल्ड लाइन की शरण में पहुंच गई है। नाबालिग के पिता, मामी सहित दलालों ने इस पूरे मामले को अंजाम दिया है।

बताया गया है कि बिजावर क्षेत्र के ग्राम बेरखेरी निवासी रमेश पाठक के परिचित नौगांव निवासी कुलदीप नायक का विवाह नहीं हो रहा था। रमेश पाठक की पत्नि प्रियलता का परिचय मूलत: ओडिशा निवासी दीपाली प्रधान और बसंती प्रधान से था।

दोनों ने 12 वर्षीय भांजी को ओडिशा से घरेलू काम करने की नौकरी दिलाने के लिए बेरखेरी बुला लिया और 10 अप्रैल को कुलदीप नायक के साथ जटाशंकर धाम में शादी करा दी गई। नौगांव जाकर बालिका को पूरा माजरा समझ में आया तो 12 अप्रैल की रात मौका पाकर वह घर से भाग गई। रात में ही पैदल चलते हुए छतरपुर आई।यहां किसी तरह उसने पुलिस के पास जाकर पूरा वाकया सुनाया, इसके बाद पुलिस ने उसे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया।

सच सुनकर चौंक गए समिति के सदस्य

चाइल्ड लाइन में बालिका को चार दिनों तक भाषा को समझने में आ रही दिक्कतों के कारण रखा गया। इसके बाद मामले के सभी पक्षकारों को पन्नाा रोड पर स्थित न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के कार्यालय में बुलाया गया।

उड़िया भाषा की समझ रखने वाली गांधी स्मारक निधि की दमयंती पाणी की मदद से बालिका सहित अन्य लोगों के बयान लिए, जिसमें सामने आया कि बालिका की शादी कुलदीप से कराने के लिए उसका 80 हजार रूपये में सौदा किया गया। इसमें से 10-10 हजार रुपये दोनों मामियों सहित दलालों ने ले लिए और लगभग 30 हजार रूपये बालिका के पिता को भी दिए गए थे। समिति के अध्यक्ष जगदीश कुमार सोनी और सौरभ भटनागर ने बताया कि कानूनी प्रावधानों के तहत इस मामले में आरोपी तय करके कार्यवाही सिविल लाइन थाने की अब पुलिस करेगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close