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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जनसुनवाई में हंसने पर Officer को नोटिस, ADM ने कहा- ये अनुशासनहीनता है

छतरपुर में जिला पंचायत की जनसुनवाई के दौरान हंसी को अनुशासनहीनता मानते हुए एडीएम मिलिंद नागदवे ने नोडल अधिकारी केके तिवारी को नोटिस थमाया। 29 अक्टूबर ...और पढ़ें

By Neeraj PandeyEdited By: Neeraj Pandey
Publish Date: Sun, 17 Nov 2024 07:50:05 PM (IST)Updated Date: Sun, 17 Nov 2024 08:04:28 PM (IST)
जनसुनवाई में हंसने पर Officer को नोटिस,  ADM ने कहा- ये अनुशासनहीनता है
एडीएम ने हंसी को अनुशासनहीनता माना। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. जनसुनवाई में हंसने पर अधिकारी को नोटिस
  2. एडीएम ने हंसी को अनुशासनहीनता माना
  3. 29 अक्टूबर का मामला, हंसी पर कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर : जिला पंचायत की जनसुनवाई में एक अधिकारी को हंसने पर नोटिस देने का मामला सामने आया है। किसी बात को लेकर केके तिवारी नोडल अधिकारी हंस रहे थे तो एडीएम मिलिंद नागदवे ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस थमा दिया है। बताया जा रहा है कि 30 अक्टूबर को एडीएम द्वारा नोटिस दिया गया था।

जनसुनवाई के दौरान हंसना अनुशासनहीनता

नोटिस में कहा गया है कि 29 अक्टूबर को हुई जनसुनवाई के दौरान आप हंस रहे थे जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसलिए आप अपनी इस अनुशासनहीनता का जवाब 04 नवंबर तक दीजिए, नहीं तो आप पर कार्रवाई हो सकती है। अपर कलेक्टर का यह नोटिस इस समय खूब चर्चा में है, क्योंकि हंसने पर इस तरह की कार्रवाई पहली बार सामने आई है।


वहीं मामले में नोडल अधिकारी केके तिवारी का कहना है कि जनसुनवाई के दौरान हम किसी बात को लेकर पास में बैठे संबंधित व्यक्ति से चर्चा कर रहे थे। अपर कलेक्टर को लगा कि मैं हंस रहा हूं। इस पर उन्होंने नोटिस दिया था। हमने उसका जवाब भी दे दिया था। उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

बक्सवाहा में 108 एंबुलेंस की देरी से आदिवासी बालिका की मौत

15 नवंबर 2024 को छतरपुर जिले के बक्सवाहा के ग्राम सुनवाहा में 16 वर्षीय आदिवासी बालिका, जानकी, उल्टी-दस्त से गंभीर रूप से बीमार हो गई। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सवाहा में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए दमोह जिला अस्पताल रेफर किया। परिवार ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस देर से पहुंची। इस दौरान जानकी की हालत और बिगड़ गई, और डॉक्टरों द्वारा सीपीआर देने के बावजूद उसकी मौत हो गई।

प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई

इस घटना के बाद कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने तत्काल एसडीएम और सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए। जांच में दोषी पाए जाने पर 108 एंबुलेंस के जिला समन्वयक और असिस्टेंट मैनेजर को निलंबित कर दिया गया। साथ ही, सेवा प्रदाता एजेंसी पर 4.66 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।