
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। बढ़ती गर्मी का असर जलीयजीवों पर पड़ने लगा है। जहां पानी के अत्यधिक गर्म होने के कारण बड़ी मात्रा में मछलियां मर गई हैं। इसी तरह ननोरा बांध में भी गर्म पानी का असर देखने मिला है। इधर खजुराहो का चन्देल कालीन ननोरा तालाब का पानी निकाले जाने से बस्ती में जल संकट खड़ा हो गया है।
नगर परिषद द्वारा पुरातत्व विभाग के तालाब को खोदा जा रहा है। जिसे हम सभी बस्ती तालाब के नाम से भी जानते हैं। उस तालाब की बंधान जो कि पुरातत्व विभाग की दृष्टि से संरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत आती है उसे तोड़ दिया गया व तालाब के पानी को पिछले दो दिनों से लगातार बहाया जा रहा है। पहला विषय एसी गर्मी में जहां एक एक बूंद के लिये लोग तरस रहे हैं। नगर परिषद के द्वारा लाखों गैलन पानी बेकार बहाया जा रहा है। दूसरा विषय जिस बंधान को जेसीबी से तोड़ा गया वह बंधान चन्देल क़ालीन व पुरातत्व विभाग के द्वारा संरक्षित बंधान है। जेसीबी को चलाना पहला गुनाह है। दूसरा संरक्षित बंधान स्मारक की श्रेणी में आती है और पुरातत्व के संरक्षित स्मारकों को तोड़ने पर आम व्यक्ति को एक वर्ष की सजा व 21000 का जुर्माना व सरकारी कर्मचारी को दो वर्ष की सजा व जुर्माना का प्रावधान है।