
बड़ामलहरा। जैन सिद्घ क्षेत्र द्रोणगिरि सेंधपा के उदासीन आश्रम में सकल जैन समाज द्वारा वर्णी जयंती के अवसर पर आयोजित कवि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विचारकों ने गणेश प्रसाद वर्णी जी की तुलना महात्मा गांधी से की।
कार्यक्रम सुरेन्द्र कुमार जैन प्राचार्य भगवां के मुख्य आतिथ्य एवं रमेश कुमार जैन प्राचार्य बाजना की अध्यक्षता में हुआ। इस मौके पर असाटी समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष धनप्रसाद असाटी के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत कवि भरत अनुज एवं शिक्षक एमपी खरे के कविता पाठ से हुई। इस मौके पर मुन्ना लाल जैन ने वर्णी जी के जीवन वृत्त के उतार चढ़ाव पर प्रकाश डालते हुए सम्पूर्ण परिचय दिया। धन प्रसाद असाटी ने वर्णी जी के शिक्षा में किए गए योगदान को बढ़ावा देने हेतु जैन समाज द्वारा शिक्षा के प्रचार प्रसार हेतु भारत वर्ष में उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान खोलने पर सराहनीय कार्य बताते हुए जैन समाज को साधुवाद का पात्र बताया। ब्रम्ह्चारिणी जमुना दीदी एवं शिक्षिका मालती जैन ने वर्णी जी की तुलना महात्मा गांधी जी से करते हुए सत्य, अहिंसा, ब्रम्हचर्य, अपरिग्रह, शाकाहार के मार्ग पर चलने वाले दोनों संतो में समानता बताई। मौजूद लोगो में से सेवक जैन, महेश जैन नेमी ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन धन कुमार जैन प्राचार्य महावीर बाल संस्कार केंद्र बड़ामलहरा ने किया। कार्यक्रम उपरांत सभी अतिथियों को जैन समाज द्वारा जैन तीर्थ वंदना की पुस्तक भेंट की गई।