धमकियों के दावे से फिर गरमाया बागेश्वर धाम विवाद, साध्वी हर्षा बोलीं- डराने की गलती मत करना
बागेश्वर धाम विवाद: मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया ने कहा, यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो संदेह उन लोगों पर जाएगा, जिनके श्रद्...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 06:15:14 PM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 06:15:50 PM (IST)
HighLights
- धमकियों के बावजूद अपने बयान पर कायम
- धीरेंद्र शास्त्री ने की थी महिलाओं से सावधानी की अपील
- सुरक्षा के सवालों से अभिव्यक्ति की आजादी तक पहुंचा विवाद
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। बागेश्वर धाम को लेकर चल रहा विवाद अब कथित धमकियों तक पहुंच गया है। मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने एक नया वीडियो जारी कर दावा किया है कि उन्हें लगातार गंदे कमेंट, मैसेज, ई-मेल और धमकियां मिल रही हैं। हालांकि, उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
किसी भी धमकी से डरने वाली नहीं हैं: हर्षा
हर्षा ने कहा कि वह पहले कही गई अपनी बात पर कायम हैं और किसी भी धमकी से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मुझे धमकी देकर डराने की गलती मत कीजिए, क्योंकि मुझे आज तक कोई डरा नहीं पाया।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो संदेह उन लोगों पर जाएगा, जिनके श्रद्धालु उन्हें धमकी दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति, संत, आश्रम या संस्था का नाम नहीं लिया।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए थे सवाल
विवाद की शुरुआत हर्षा के उस वीडियो के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े बयान पर सवाल उठाए थे। हर्षा ने कहा था कि यदि आश्रम के मठाधीश को अपने ही सेवादारों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत महसूस होती है, तो आम श्रद्धालु सुरक्षा व्यवस्था पर कैसे भरोसा करें।
उन्होंने महिलाओं और परिवारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए श्रद्धालुओं को सलाह दी थी कि वे धाम में अनावश्यक रूप से ज्यादा समय न रुकें और दर्शन के बाद घर लौट जाएं। नए वीडियो में भी उन्होंने अपनी इस सलाह पर कायम रहने की बात कही।
पंडित शास्त्री ने भी की थी सावधानी बरतने की अपील
विवाद के बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 3 अक्टूबर की रात श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं से सावधानी बरतने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाएं अकेले बागेश्वर धाम न आएं और अकेले आने पर किसी अनजान व्यक्ति या सेवादार पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। उन्होंने धाम के आसपास करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी से भी खुद को अलग बताया था।
फिलहाल हर्षा के धमकियों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए इन दावों को उनके आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। विवाद अब महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ कथित ऑनलाइन धमकियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तक पहुंच गया है।