छतरपुर के जलबिहार मेले में अनियमितताओं के आरोपों के बीच इंजीनियर का तबादला, उज्जैन भेजे गए गोकुल प्रजापति
नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय ने 2 नवंबर को आदेश जारी कर उन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया है।
Publish Date: Tue, 03 Nov 2026 12:43:46 PM (IST)Updated Date: Tue, 03 Nov 2026 12:44:21 PM (IST)
उपयंत्री गोकुल प्रजापति का फाइल फोटो।HighLights
- उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थापना
- जलबिहार मेले की शिकायतों का मामला
- तबादले के बाद जांच पर सवाल
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। जलबिहार मेले के आयोजन में कथित वित्तीय अनियमितताओं और व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच नगर पालिका छतरपुर में पदस्थ उपयंत्री (सिविल) गोकुल प्रजापति का तबादला कर दिया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय ने 2 नवंबर को आदेश जारी कर उन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया है।
इस मामले ने एक बार फिर ध्यान खींचा
जलबिहार मेले के आयोजन के दौरान निर्माण कार्यों, व्यवस्थाओं और खर्चों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के चलते उपयंत्री गोकुल प्रजापति की भूमिका भी सवालों के घेरे में रही। अब शासन के स्थानांतरण आदेश के बाद इस मामले ने एक बार फिर ध्यान खींचा है।
जारी आदेश क्रमांक एफ 1/1/41/0001/2026/18-5 के अनुसार, स्थानांतरण नीति 2026 की कंडिका 8.7 के तहत प्रजापति को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया गया है।
तबादले के बाद जांच और जवाबदेही पर सवाल
इस स्थानांतरण के बाद जलबिहार मेले से जुड़ी शिकायतों और कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपयंत्री का तबादला प्रशासनिक कार्रवाई है, लेकिन मेले में हुए कार्यों, उनके भुगतान और शिकायतों पर क्या जांच हुई, यह स्पष्ट होना बाकी है। ऐसे में अब देखना होगा कि शासन स्तर पर शिकायतों की जांच और जिम्मेदारी तय करने को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।