छतरपुर में युवती की मौत पर हंगामा: गलत टैबलेट देने और लापरवाही का आरोप लगाकर जिला अस्पताल के सामने स्वजन ने किया चक्काजाम
सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्वजन को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 06:38:58 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 06:39:26 PM (IST)
शिवानी के शव को स्ट्रेचर में रखकर जाम लगाए स्वजन और मृतका के पिता को समझाते पुलिस अधिकारी। नईदुनियाHighLights
- टैबलेट खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयत
- ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में हुई मौत
- पुलिस ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। एक टैबलेट खाने के बाद युवती की तबीयत बिगड़ने और इलाज के दौरान मौत होने से नाराज स्वजन ने छतरपुर जिला अस्पताल के सामने मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। स्वजन ने आभा खरे अस्पताल में डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने और गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
अचानक हुए प्रदर्शन से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्वजन को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
सामान्य जांच के बाद दी गई थी टैबलेट
मृतका की पहचान शिवानी यादव उम्र 18 वर्ष के रूप में हुई है, वह मूल रूप से बड़ामलहरा क्षेत्र की रहने वाली थी और छतरपुर की शांतिनगर कॉलोनी में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रही थी। युवती के पिता वीरेंद्र यादव के अनुसार एक दिन पहले शिवानी की तबीयत हल्की खराब हुई थी। इसके बाद उसे आभा खरे अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया गया। डॉक्टर की सलाह पर जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट सामान्य बताई गई। इसके बाद डाक्टर ने उसे एक टैबलेट दी थी।
टैबलेट खाने के बाद शिवानी की हालत बिगड़ी
स्वजन का आरोप है कि टैबलेट खाने के बाद शिवानी की हालत अचानक बिगड़ने लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां से तत्काल झांसी ले जाने की सलाह दी गई। उनके मुताबिक झांसी में जांच के दौरान डाक्टरों ने दवा के कारण इन्फेक्शन होने की बात कही। इसके बाद शिवानी को बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया, लेकिन वहां ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरे स्वजन
शिवानी की मौत के बाद स्वजन शव लेकर छतरपुर पहुंचे। यहां करीब दोपहर तीन बजे जिला अस्पताल के सामने मुख्य सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। उनका कहना था कि यदि समय पर सही उपचार मिलता और दवा को लेकर लापरवाही नहीं होती, तो युवती की जान बच सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
चक्काजाम की सूचना पर सिटी कोतवाली टीआई सतीश सिंह, सीएसपी अरुण सोनी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आक्रोशित स्वजन से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और यातायात बहाल कराने के प्रयास किए। इसके बाद पैनल से शव का पीएम कराया गया।
इस मामले में मृतका के स्वजन एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद युवती की हालत बिगड़ने और रेफर के दौरान झांसी से ग्वालियर के बीच मौत होने से नाराज थे, उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिसके बाद शांत कराया गया। - अरुण कुमार सोनी, सीएचपी, छतरपुर