
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। स्कूल पहुंचने की जल्दी हो या बसों की कमी, बच्चों की जान से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। लेकिन गौरिहार क्षेत्र में सामने आए एक वीडियो ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर उजागर कर दी है। यहां बच्चे चलती बस के दरवाजे और पायदान पर लटककर सफर करते नजर आ रहे हैं। जरा-सी चूक, अचानक ब्रेक या संतुलन बिगड़ने की स्थिति में यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो बीते शुक्रवार का है। वीडियो में गोलू राजा बस सर्विस की बस पर बच्चे बाहर की ओर लटककर यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं। बस के भीतर पर्याप्त जगह नहीं मिलने के बावजूद बच्चों को इस तरह सफर करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यात्री परिवहन व्यवस्था और उसकी निगरानी पर भी सवाल खड़े करती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों के बैठने और बच्चों के जोखिम उठाकर सफर करने जैसी स्थितियां आम हैं। इसके बावजूद नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की जिम्मेदारी केवल नियमों का पालन कराने तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसे संभावित हादसों को समय रहते रोकना भी है। बसों की क्षमता, सुरक्षा इंतजाम और बच्चों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जांच जरूरी है।
यह मामला राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार के चंदला विधानसभा क्षेत्र के गौरिहार का बताया जा रहा है। स्कूली बच्चों की जान जोखिम में डालकर चल रही यात्रा ने व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों की जांच, ओवरलोडिंग पर रोक और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। किसी अनहोनी के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि पहले ही खतरे को रोक दिया जाए।
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— NaiDunia (@Nai_Dunia) October 25, 2026
गौरिहार थाना प्रभारी रूपनारायण पटैरिया ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। वीडियो के आधार पर बस चालक, परिचालक और संबंधित बस सर्विस के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब जरूरी है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे और बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।