छतरपुर में समाज सेवा की मिसाल बने शंकरलाल, निधन के बाद परिजनों ने कराया नेत्रदान; 2 लोग देखेंगे दुनिया
छतरपुर समाचार: सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी शंकर लाल अग्रवाल सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में अपनी सहजता के लिए जाने जाते थे।
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 08:11:55 PM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 08:12:24 PM (IST)
प्रमाण पत्र लेते शंकरलाल अग्रवाल के परिवार के लोग और शंकरलाल का फाइल फोटो।HighLights
- निधन के बाद परिजनों ने लिया नेत्रदान का फैसला
- चित्रकूट सद्गुरु अस्पताल की टीम ने पूरा किया संकलन
- दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में अब रोशन होगा उजाला
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। मृत्यु के बाद भी किसी की जिंदगी में उजाला कायम रहे, इससे बड़ी मानवता की मिसाल शायद ही कोई हो। छतरपुर के महल रोड, रवि होटल के पीछे निवासी संतोष अग्रवाल, महेश अग्रवाल और रोहित अग्रवाल के पिता शंकर लाल अग्रवाल (खेरी वाले) का रविवार को निधन हो गया। शोक की इस घड़ी में परिजनों ने उनके नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश की।
जीवन का अंतिम पड़ाव भी जुड़ गया समाजसेवा
सरल, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी शंकर लाल अग्रवाल सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में अपनी सहजता के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से परिवार सहित शहर के व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। हालांकि, स्वजनों के एक संवेदनशील निर्णय ने उनके जीवन के अंतिम पड़ाव को भी समाजसेवा से जोड़ दिया।
दो लोगों को दुनिया देखने का मिलेगा अवसर
समाजसेवी हरि अग्रवाल ने परिजनों से नेत्रदान के संबंध में चर्चा की। परिवार ने बिना देर किए सहमति प्रदान की। इसके बाद चित्रकूट स्थित सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय से संपर्क किया गया। सूचना मिलते ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम छतरपुर पहुंची और विधिवत कार्निया संकलन की प्रक्रिया पूरी की। नेत्रदान की प्रक्रिया डॉ. विशाल रजक एवं ड्रा. प्रदीप मिश्रा ने संपन्न कराई। इस पुनीत कार्य में सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय एवं अमर ज्योति नेत्रदान, सतना का सहयोग रहा।
स्वजनों के इस निर्णय से शंकर लाल अग्रवाल की आंखों के माध्यम से दो दृष्टिहीन लोगों को दुनिया देखने का अवसर मिलेगा। कठिन परिस्थितियों में लिया गया यह निर्णय समाज के लिए सेवा, संवेदना और मानवता का प्रेरक संदेश बन गया है।