अधीक्षक सस्पेंड, फिर भी नए प्रभारी को 15 दिन बाद नहीं मिला चार्ज: छतरपुर छात्रावास में भोजन व्यवस्था ठप
नए अधीक्षक का कहना है कि वे पिछले 15 दिनों से अपने निजी पैसों से बच्चों के भोजन और जरूरी सामान की व्यवस्था कर रहे हैं।
Publish Date: Sun, 08 Nov 2026 10:41:44 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Nov 2026 10:42:20 AM (IST)
HighLights
- गैस खत्म होने से नहीं बना खाना
- निजी खर्च से राशन ला रहे अधीक्षक
- प्रशासनिक लापरवाही से छात्र परेशान
नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। सरकारी छात्रावासों की व्यवस्था सुधारने के लिए कलेक्टर की कार्रवाई के बाद भी हालात नहीं बदले। हरपालपुर के शासकीय सीनियर बालक अनुसूचित जाति छात्रावास में अब प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। गुरुवार को भोजन बनाते समय गैस खत्म हो गई, जिससे बच्चों को रोटी-सब्जी नहीं मिल सकी।
पीयूष त्रिपाठी को नया अधीक्षक नियुक्त किया गया
दरअसल, कलेक्टर के निरीक्षण में छात्रावास के 50 विद्यार्थियों में से केवल छह छात्र ही उपस्थित मिले थे। इस पर तत्कालीन अधीक्षक इंद्रपाल अहिरवार को 19 अक्टूबर को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पीयूष त्रिपाठी को नया अधीक्षक नियुक्त किया गया, लेकिन 15 दिन बीतने के बावजूद उन्हें छात्रावास का पूरा प्रभार और राशि आहरण का अधिकार नहीं सौंपा गया।
नए अधीक्षक का कहना है कि वे पिछले 15 दिनों से अपने निजी पैसों से बच्चों के भोजन और जरूरी सामान की व्यवस्था कर रहे हैं। इस संबंध में जिला कार्यालय को लिखित आवेदन भी दिया जा चुका है। गुरुवार को गैस खत्म होने की जानकारी चौकीदार ने दी।
ऐसे में सवाल यह है कि अधीक्षक को निलंबित करने के बाद नए प्रभारी को वित्तीय अधिकार और चार्ज सौंपने में इतनी देरी क्यों हुई, कार्रवाई के बावजूद छात्रावास की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी और इसका सीधा असर बच्चों के भोजन पर पड़ रहा है।