
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। पश्चिम सामान्य वनमंडल के सांगाखेड़ा रेंज के छाटीआम में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कॉलर लगे टाइगर कोजहर (यूरिया) देकर मारकर दफनाने के मामले में वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने आरोपितो को जुन्नारदेव न्यायालय में पेश कर दिया। जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा उनके बैल (मवेशी) बैल का शिकार का कारण बताया जा रहा।
वहीं मुख्य आरोपी द्वारा अफीम की खेती करने का खुलासा हुआ है। यहां अफीम के 650 से ज्यादा पौधे भी मिले हैं, जिनकी कीमत एक करोड़ रुपये के लगभग बताई जा रही है। वन्यप्राणी के जानकारों के अनुसार सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ से इस बाघ को लाने के बाद सतर्कता से निगरानी नहीं किए जाने के कारण बाघ की मौत का कारण माना जा रहा है। इस मामले के मुख्य आरोपी को बीते साल वन्य प्राणी क्षतिपूर्ति का मुआवजा 15 हजार मिल चुका है।
गौरतलब है कि वन अमले द्वारा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम के कॉलर टाईगर की अंतिम लोकेशन के आधार पर 27 मार्च शुक्रवार शाम से टाइगर रिजर्व की बफर टीम एवं पश्चिम वनमंडल के सांगाखेड़ा परिक्षेत्र की टीम द्वारा संयुक्त रूप से कॉलर की लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। संयुक्त दल की खोजबीन के दौरान 27 मार्च 2026 शुकवार की सुबह पश्चिम छिन्दवाड़ा वनमण्डल अंतर्गत सांगाखेड़ा परिक्षेत्र के छातीआम बीट कक्ष कमांक पी 266 एवं पी 262 से लगे राजस्व क्षेत्र के जंगल में घटना स्थल पर एक मवेशी (बैल) का शव बरामद हुआ।
जिससे बाघ के शिकार की आशंका प्रतीत हुई डॉग स्कवॉयड की मदद से घटना स्थल पर सघन छानबीन कराये जाने पर सुबह तकरीबन 8.30 बजे कुछ ही दूरी पर जमीन में दफनाए गये बाघ के शव को बरामद किया गया। तत्पश्चात प्रारंभिक जांच के दौरान मृत मवेशी (बैल) के मालिक की पतासाजी आस-पास के गांवों में की गई। मृत बैल के मालिक उदेसिंग पिता सुमरसिंग उम्र 50 वर्ष निवासी छातीआम को हिरासत में लेकर उससे कड़ाई से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसके बैल का बाघ द्वारा शिकार किया गया था और उसके बाद उसने मृत बैल के शव में जहर (कीटनाशक यूरिया) डाल दिया और जहरीला गारा खाने से बाघ की मौत हो गई। आरोपी ने बताया कि उसने अगले ही दिन अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर मृत बाघ के शव को जमीन में दफना दिया।
वन विभाग ने मुख्य आरोपी उदेसिंग की निशानदेही कर वारदात में संलिप्त अन्य आरोपियों में बिसनलाल शीलू पिता जुगन (30 वर्ष )निवासी पुटईआम, मनोहर सिंग पिता कोमल (60 वर्ष )निवासी डोब झिरना तह. बाबई जिला नर्मदापुरम कैलाल पिता कारेसा निवासी कूचीखोह (65 वर्ष )को गिरफ्तार किया है।
घटना से जुड़े अन्य पहलुओ की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। शुक्रवार की शाम मृत नर बाघ का क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व राखी नंदा एवं पश्चिम छिन्दवाडा वनमंडल वनमंडला अधिकारी साहिल गर्ग की उपस्थिति में प्रोटोकॉल के तहत दाह संस्कार किया गया।