
आशीष मिश्रा, नईदुनिया छिंदवाड़ा। Ayurvedacharya Prakash India Tata: कहते हैं पढ़ने-लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यही वजह है कि देश भर में जड़ी-बूटियों से इलाज करने वाले डाक्टर टाटा के नाम से मशहूर छिंदवाड़ा के आयुर्वेदाचार्य प्रकाश इंडियन टाटा 84 साल की उम्र में आठवीं की परीक्षा दे रहे हैं।
मंगलवार को उन्होंने नोनिया करबल स्थित परीक्षा केंद्र में सामाजिक विज्ञान का अंतिम पेपर दिया। इसके पहले वे हिंदी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत और विज्ञान का पेपर दे चुके हैं। उन्होंने मप्र ओपन बोर्ड की ओर से आयोजित आठवीं की परीक्षा के कुल छह पेपर दिए हैं।
तीन साल पहले उन्होंने कक्षा पांचवीं की भी परीक्षा दी थी। वे बताते हैं कि उनके गुरु ने उन्हें प्रकाश इंडियन टाटा नाम दिया, असली नाम प्रकाश विश्वकर्मा है। आगे 10वीं और 12वीं की परीक्षा भी देंगे। कहते हैं, उन्होंने पढ़ाई के लिए कभी स्कूल में कदम नहीं रखा, क्योंकि पांच साल की उम्र में ही वे अमरकंटक में अपने गुरु के आश्रम चले गए थे, जहां 20 साल तक उन्होंने जड़ी बूटियों से इलाज करना सीखा और आयुर्वेद को समझने का प्रयास किया। इसके बाद छिंदवाड़ा के कोयलांचल में उन्होंने करीब चार जगह औषधालय खोले और पातालकोट में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों से उपचार करना शुरू किया।
अभिनेता अमिताभ बच्चन से लेकर फिल्मी दुनिया की कई बड़ी हस्तियां, दुनियाभर के कई राजनेता उद्योगपति, श्रीलंका के क्रिकेटर सनत जयसूर्या का वे सफल इलाज कर चुके हैं। जयसूर्या को पैरों में तकलीफ थी। दुनियाभर के कई डाक्टर उनके इलाज में सफल नहीं हो पाए थे। पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने जयसूर्या को डा. प्रकाश इंडियन टाटा के बारे में बताया। डाक्टर टाटा ने श्रीलंका जाकर जयसूर्या का इलाज किया और वे ठीक हो गए।
डा. टाटा ने बताया कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। विदेश जाते थे तो लोग मजाक उड़ाते थे। उन्होंने सोचा कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है और उन्होंने मध्य प्रदेश ओपन बोर्ड से सबसे पहले पांचवीं की परीक्षा दी। अब आठवीं की परीक्षा दे रहे हैं। वे दुनिया भर के 112 देशों में जाकर लोगों का इलाज कर रहे हैं। लगातार दूसरे देशों में भी उनका दौरे जारी हैं। जुलाई में वे अमेरिका जाएंगे और कुछ लोगों का इलाज करेंगे।