
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। जुन्नारदेव पुलिस ने तीन हफ्तों से क्षेत्र में दहशत का कारण बने 'जहरीली मिठाई' कांड की गुत्थी सुलझा ली है। जिसे पहले एक अनजाना हादसा माना जा रहा था, वह जांच में एक सोची-समझी खूनी साजिश निकली। पुलिस ने खुलासा किया है कि यह सामूहिक हत्याकांड मृतका के ससुराल वालों द्वारा पारिवारिक रंजिश के चलते अंजाम दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने मृतका के ससुर, पति और ननद को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच के अनुसार, मृतका खुशबू कथुरिया शादी के बाद अपने मायके में रहने लगी थी। ससुराल पक्ष, जिसमें ससुर झाडू खरेटवाल (57), पति शुभम कसार (24) और ननद शिवानी कसार (22) शामिल हैं, का मानना था कि खुशबू की वजह से समाज में उनके परिवार की बदनामी हो रही है। आपसी विवाद इस कदर बढ़ा कि ससुराल वालों ने खुशबू और उसके पूरे परिवार को 'रास्ते से हटाने' के लिए खौफनाक योजना बनाई।
बीते 8 से 10 जनवरी के बीच पीएचई कार्यालय के गेट के पास लावारिस हालत में मिठाई रखी गई थी। इसे प्रसाद समझकर खाने से चौकीदार दशरू यदुवंशी सहित सुंदरलाल कथुरिया और खुशबू कथुरिया की मौत हो गई। वहीं, संतोषी कथुरिया और उनकी बेटी पूजा को समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच सकी। विसरा रिपोर्ट और खाद्य विभाग की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मिठाई में 25,648 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम (2.56%) आर्सेनिक मिलाया गया था। आरोपियों ने घोड़ों को दी जाने वाली दवा 'सोमल' का इस्तेमाल किया था, जिसकी यह मात्रा किसी भी इंसान को तुरंत मारने के लिए पर्याप्त थी।
इस अंधे कत्ल को सुलझाने में जुन्नारदेव पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) के विश्लेषण से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (MP-28-ZK-4958) और एक रेडमी स्मार्टफोन भी जब्त किया गया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश बघेल और उनकी टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 109(1) (हत्या का प्रयास) और 61(2) B (आपराधिक साजिश) के तहत गंभीर प्रकरण दर्ज किया गया है। इस जटिल गुत्थी को सुलझाने में पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच की क्षेत्र में सराहना हो रही है।