परासिया। जरूरतमंद गरीबों द्वारा शासकीय एवं रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण किए जाने पर प्रशासन उन्हें हटाने की कार्यवाही करने में देर नहीं करता, लेकिन रेलवे की भूमि पर नगर के बड़े बड़े लोगों द्वारा खुलेआम अतिक्रमण कर बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिन पर रेलवे प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने से यह नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पूर्व में परासिया में नैरो गेज रेलवे लाइन बिछी हुई थी। जिसे रेलवे द्वारा दशकों वर्ष पहले उखाड़ दी गई थी। जहां पर कुछ भी गरीब परिवारों ने अपने आशियाना बना कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जिन्हें आए दिन रेलवे द्वारा भूमि खाली करने नोटिस थमाया जाता है। लेकिन उसी भूमि पर कुछ नगर के लोगों द्वारा खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। जहां वह बड़ी-बड़ी बिल्डिंग तान रहे। जिन्हें रेलवे प्रशासन द्वारा रोका नहीं जा रहा। इस मार्ग पर कई नवीन निर्माणकारी ंहै। रेलवे प्रशासन यदि समय रहते इन निर्माणों में रोक लगा दे तो इस भूमि पर अतिक्रमण होने से बचाया जा सकता है। भविष्य में यदि रेलवे को उक्त भूमि की जरूरत पड़ती है वह आसानी से उसका उपयोग कर सकती है, लेकिन रेलवे की उदासीनता के कारण इस क्षेत्र में अतिक्रमण जारी है। इस मामले में रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य धीरेन्द्र पिंटू ठाकुर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि नगर में रेलवे भूमि पर लगातार हो रहे अतिक्रमण को लेकर आगामी बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को इस विषय से अवगत कराएंगे। क्षेत्र में पुरानी रेलवे लाइन के आसपास नए निर्माण कराए जा रहे हैं, रेलवे की भूमि पर कब्जा करने की जुगत लगा रहे हैं। जिससे भविष्य में यदि रेलवे को उक्त भूमि की आवश्यकता होने पर उसे अतिक्रमण हटाना मुश्किल होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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