
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सीरप के सेवन से 25 बच्चों की मौत के मामले में तीन महीने लंबी जांच के बाद एसआईटी ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा जिले में परासिया की स्थानीय न्यायालय में साढ़े चार हजार पेज की पहली चार्जशीट पेश कर दी।
यह चार्जशीट परासिया में बच्चों की मौत के मामलों से संबंधित है। हालांकि अभी विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बिसरा की रासायनिक जांच और चिकित्सा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट इस चार्जशीट में शामिल नहीं हो सकी है।
इसे आगे कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, शहर के कुंडीपुरा में एक बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को पिछले माह गिरफ्तार किया है।
दोनों मामले में 11 आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। जांच में सामने आया कि अगस्त 2025 के अंतिम सप्ताह से बीमार बच्चे परासिया के चिकित्सक प्रवीण सोनी के पास पहुंचने लगे थे।
बाद में इनमें किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं आने लगीं। 11 सितंबर को वेदांश पवार नागपुर के प्रवीण खापेकर के अस्पताल में गंभीर अवस्था में पहुंचा था। किडनी फेल होने के कारण छिंदवाड़ा जिले के 21, पांढुर्णा और बैतूल जिलों के दो-दो बच्चों की मौत हो चुकी है। छह बच्चे स्वस्थ होकर घर लौटे थे।
जांच के लिए एसआईटी के प्रभारी जितेंद्र जाट का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट पेश की गई है। जैसे ही अन्य साक्ष्य आएंगे, उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पीड़ित परिवारों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता संजय पटोरिया का कहना है कि इतने बड़े और संवेदनशील मामले में पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी है। चार्जशीट में अब भी अहम विज्ञानी और चिकित्सकीय साक्ष्य शामिल नहीं हैं, जो न्याय के लिए जरूरी हैं। -