
नईदुनिया प्रतिनिधि, छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर को लेकर जिलेभर में तैयारियां चल रही हैं। इसी क्रम में छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर को आकर्षक लाइटिंग से सजाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। लाइटिंग लगाने का काम कर रहा एक मजदूर तीसरी मंजिल के छज्जे से नीचे गिर गया। हादसे में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिसर में मौजूद कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हादसे में घायल मजदूर का नाम आतिश पिता राधेश्याम मालवीय (27) निवासी भैसादंड है।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के मौके पर कलेक्ट्रेट परिसर को रोशनी से सजाने के लिए लाइटिंग लगाई जा रही थी। मजदूर ऊंचाई पर काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान मजदूर के पास सुरक्षा के जरूरी उपकरण नहीं थे। इसी दौरान वह तीसरी मंजिल के छज्जे से नीचे गिर गया। ऊंचाई से गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आई हैं।
हादसे के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल मजदूर की मदद की। कर्मचारियों ने बिना देर किए शासकीय वाहन से घायल मजदूर को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए कर्मचारियों की सक्रियता सामने आई है। हालांकि मजदूर की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति और उपचार से जुड़ी विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण शासकीय परिसर में इस तरह का हादसा कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। जब तीसरी मंजिल जैसी ऊंचाई पर काम कराया जाता है तो हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, सुरक्षा रस्सी जैसे उपकरण बेहद जरूरी होते हैं। ये उपकरण गंभीर दुर्घटनाओं का जोखिम कम करते हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मजदूर को ऊंचाई पर काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण दिए गए थे, क्या काम शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा गया था और क्या संबंधित ठेकेदार या एजेंसी ने मजदूर की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की थी। फिलहाल हादसे के सटीक कारणों और सुरक्षा की जिम्मेदारी से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।